बिहार रोड न्यूज़: बिहार सरकार ने राज्य में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार राज्य राजमार्ग IV परियोजना के तहत 266 किलोमीटर से अधिक सड़कों के अपग्रेडेशन और चौड़ीकरण के लिए 3,743.655 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को मंजूरी दी गई है। यह फैसला राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा, जिससे कनेक्टिविटी और परिवहन दक्षता में बड़ा सुधार आएगा।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बिहार को मिलेगा बेहतर सड़क नेटवर्क, जानें किन सड़कों का होगा चौड़ीकरण?
अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि कैबिनेट ने उत्तर और दक्षिण बिहार के पांच प्रमुख सड़क गलियारों के लिए यह मंजूरी दी है। इनमें निम्नलिखित परियोजनाएं शामिल हैं:
- मधुबनी-राजनगर-बाबूबरही-खुटाउना सड़क: 38.872 किलोमीटर लंबी इस सड़क के चौड़ीकरण पर 632.72 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- एसएच-52 सीतामढ़ी-पुपरी-बेनीपट्टी सड़क: लगभग 51.261 किलोमीटर की इस परियोजना को 435.37 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
- एसएच-97 बिशुनपुर-अतरबेल (एनएच-57)-जाले-घोघारचट्टी (एसएच-52) सड़क: लगभग 47.875 किलोमीटर लंबी इस सड़क को अपग्रेड करने में 990.035 करोड़ रुपये लगेंगे।
- एसएच-92 गणपतगंज-परवाहा सड़क: 47.432 किलोमीटर के इस खंड में सुधार कार्य के लिए 703.95 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय है।
- ब्रह्मपुर-कोरनासराइ-इतही-सरंजा-इतही (बक्सर) और उजियारपुर-कुकराहा-जमुआंव-इंदौर-समदा सड़क गलियारा: लगभग 80.728 किलोमीटर के इस संयुक्त खंड को 982.58 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया जाएगा।
तेज होगी विकास की रफ्तार, जनता को क्या मिलेगा फायदा?
अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से बिहार के कई क्षेत्रों में अंतर-जिला कनेक्टिविटी मजबूत होगी और परिवहन बुनियादी ढांचे में सुधार आएगा। सड़कों के अपग्रेडेशन से माल ढुलाई में आसानी होगी, कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और यात्रियों के यात्रा समय में भी कमी आएगी। बिहार राज्य राजमार्ग IV परियोजना राज्य सरकार के परिवहन बुनियादी ढांचे के विस्तार और आधुनिकीकरण के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है। इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सड़क के अलावा सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा पर भी कैबिनेट का बड़ा फैसला
राजमार्ग परियोजनाओं के अलावा, कैबिनेट ने कोसी सिंचाई योजना और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए 102.98 करोड़ रुपये जारी करने को भी मंजूरी दी है। अधिकारियों के मुताबिक, मधुबनी जिले में नहरों के आधुनिकीकरण के कार्य से लगभग 89,000 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा। सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने के लिए मधुबनी और सुपौल जिलों में तटबंधों को मजबूत करने की भी मंजूरी दी है। इन फैसलों से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और बाढ़ से होने वाले नुकसान में कमी आएगी।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इन सभी परियोजनाओं का लक्ष्य बिहार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और राज्य के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। इन बड़े फैसलों से बिहार के विकास को एक नई दिशा मिलेगी।







