बिहार अवैध खनन: राज्य में अवैध बालू, पत्थर और अन्य लघु खनिजों के कारोबार पर लगाम कसने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब दूसरे राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश और झारखंड से बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले खनिज लदे वाहनों को अनिवार्य रूप से ट्रांजिट पास लेना होगा। यह नई व्यवस्था आगामी 10 जून 2026 से पूरे बिहार में प्रभावी हो जाएगी।
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बिहार अवैध खनन पर लगाम: राजस्व में बंपर वृद्धि और अवैध ढुलाई पर रोक
खान एवं भूतत्व विभाग की अधिसूचना के अनुसार, अभी तक दूसरे राज्यों से आने वाले खनिजों की मात्रा और प्रकार की निगरानी के लिए कोई प्रभावी तंत्र नहीं था। इसी कमी को दूर करने और सरकारी राजस्व को बढ़ाने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इससे खनिजों के आयात का सटीक आंकड़ा उपलब्ध होगा, सरकारी खजाने में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और एक ही पुराने चालान पर बार-बार अवैध ढुलाई करने के ‘खेल’ पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
कितना होगा ट्रांजिट पास शुल्क और कब से लागू?
बिहार खनिज (समनुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 के नियम-41 के तहत इस शुल्क का निर्धारण किया गया है। खनिज लदे वाहनों पर निम्नलिखित दरों से ट्रांजिट पास शुल्क लिया जाएगा:
- प्रति मीट्रिक टन की दर से: 60 रुपये शुल्क निर्धारित
- प्रति घनमीटर की दर से: 85 रुपये शुल्क निर्धारित (जो भी लागू हो)
यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव बिहार राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा इसी साल 20 फरवरी 2026 को कैबिनेट स्वीकृति प्राप्त कर चुका है। अब सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और यह नई डिजिटल तथा प्रशासनिक व्यवस्था 10 जून 2026 से पूरे बिहार राज्य में प्रभावी ढंग से लागू कर दी जाएगी।
नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई
इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद, बक्सर जिला प्रशासन सहित स्थानीय खनन विभाग ने सभी परिवहनकर्ताओं, खनिज व्यवसायियों, क्रशर मालिकों और निर्माण एजेंसियों से इस नई व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की जोरदार अपील की है। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि 10 जून के बाद बिना वैध ट्रांजिट पास के खनिज का परिवहन करने वाले वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, नियमानुसार उनके खिलाफ बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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