Darbhanga Jal Nal Yojana News: दरभंगा में नल-जल योजना की स्थिति संतोषजनक नहीं है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के प्रधान सचिव राजेश कुमार ने स्वयं निरीक्षण के दौरान इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। कई पंचायतों में योजना की बदहाली सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष है।
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सिंहवाड़ा प्रखंड के अरई बिरदीपुर पंचायत में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था। इसी शिविर के निरीक्षण के लिए प्रधान सचिव राजेश कुमार पहुंचे थे। उनके पहुंचते ही स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें पंचायत की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया।
प्रधान सचिव ने पीएचईडी विभाग के काउंटर पर जाकर जलापूर्ति से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मियों से पंचायतों में चापाकलों की संख्या पूछी, लेकिन वे इसका जवाब नहीं दे पाए। इस दौरान ग्रामीणों ने नल-जल योजना से संबंधित शिकायतों की झड़ी लगा दी, जिससे व्यवस्था की पोल खुल गई।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान सचिव के आगमन की सूचना पर दो दिन पहले से ठप पड़ी नल-जल योजना की आनन-फानन में मरम्मत की गई। कुछ वार्डों में जैसे-तैसे जलापूर्ति शुरू कर दी गई थी। अरई बिरदीपुर पंचायत के कुल 16 वार्डों में से केवल सात वार्डों में ही नल-जल योजना चालू हालत में पाई गई।
अन्य वार्डों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और तकनीकी समस्याओं के कारण जलापूर्ति पूरी तरह से ठप है। मुखिया प्रतिनिधि लतीफुर रहमान ने प्रधान सचिव को नल-जल योजना की विस्तृत जानकारी दी और समस्याओं के समाधान की मांग की। पीएचईडी विभाग के अधिकारियों और कर्मियों के काम करने के तरीके से प्रधान सचिव खासे नाराज नजर आए।
नल-जल योजना में गड़बड़ी पर प्रधान सचिव की नाराजगी
बिहार सरकार के ‘सात निश्चय पार्ट 3’ के तहत ‘सबका सम्मान जीवन आसान’ कार्यक्रम चल रहा है। इसी के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार के प्रधान सचिव सह जिला प्रभारी सचिव, दरभंगा, राजेश कुमार ने तीन प्रखंडों के तीन पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपस्थित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने सिंहवाड़ा प्रखंड के अरई बिरदीपुर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में आयोजित सहयोग शिविर का जायजा लिया। प्रधान सचिव ने सभी काउंटरों पर प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली और निर्देश दिया कि नागरिकों के आवेदनों को पोर्टल पर अपलोड कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निवारण किया जाए। इस निरीक्षण से कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए, खासकर Singhwara PHED News के संदर्भ में, जहां विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।
प्रधान सचिव ने केवटी प्रखंड की कर्जा पट्टी पंचायत के सरकार भवन में आयोजित सहयोग शिविर का भी निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, सदर प्रखंड की शिशो पश्चिमी पंचायत के नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन में भी सहयोग शिविर का निरीक्षण किया गया। उन्होंने प्रत्येक काउंटर पर जाकर प्राप्त आवेदनों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली और समय पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सहयोग शिविरों में उमड़ी शिकायतों की भीड़
प्रधान सचिव राजेश कुमार ने आम लोगों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं तथा शिकायतों को बड़े धैर्य के साथ सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण निवारण के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इन शिविरों में भूमि विवाद, पेंशन, राशन कार्ड, पेयजल, बिजली, सड़क, पुल और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न मुद्दों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
सिंहवाड़ा के अलावा हरपुर पंचायत में भी सीओ नेहा कुमारी के नेतृत्व में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रेमचंद, एमओ आकांक्षा कुमारी, आरओ मनोज कुमार, बीईओ विनोद कुमार, बिजली विभाग के जेई प्रमोद सिंह, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी लक्ष्मण झा सहित कई अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे। सहयोग शिविरों में स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें महिलाएं, पुरुष, प्रतिनिधि और बच्चे भी शामिल थे।
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ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रधान सचिव के निरीक्षण और निर्देशों के बाद उनकी समस्याओं का जल्द समाधान हो सकेगा, खासकर नल-जल योजना जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा। यह देखना होगा कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का कितना पालन किया जाता है।







