Darbhanga Liquor News: अंतरराज्यीय कनेक्शन चौंकाने वाला: 25 लाख की शराब से भरा 16 चक्का ट्रक दलदल में फंसा, ‘होशियारी’ पड़ी भारी, फिर क्या हुआ? यह मार्ग दलदली और सुनसान था, जिससे उन्हें लगा कि वे आसानी से पुलिस की नजरों से बच निकलेंगे। भारी-भरकम 16 चक्का ट्रक जैसे ही उस कच्चे रास्ते पर आगे बढ़ा, बारिश के कारण बनी दलदली मिट्टी में उसके विशाल पहिये गहरे धंस गए। पढ़िए – दरभंगा की पहली शराब से जुड़ी सामने आई सच्चाई, जिसने पुलिस को भी सकते में डाला। वजह, आख़िर कहां जा रही थी इतनी भारी भरकम शराब की बड़ी खेप?
बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्करों द्वारा अवैध रूप से शराब की तस्करी जारी है। पुलिस की आंखों में धूल झोंककर शराब की खेप को ठिकाने लगाने के लिए तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। लेकिन इस बार तस्करों की एक अति-होशियारी उन्हीं पर भारी पड़ गई, जब दरभंगा के बिरौल में शराब से भरा एक विशालकाय ट्रक कीचड़ में फंस गया।
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पुलिस से बचने की ‘होशियारी’ पड़ी भारी
यह घटना दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र के इटवा शिवनगर चौर इलाके की है। पुलिसिया चेकिंग से बचने के लिए शराब तस्करों ने मुख्य सड़कों को छोड़कर चौर के बेहद दुर्गम कच्चे रास्ते का उपयोग किया। यह मार्ग दलदली और सुनसान था, जिससे उन्हें लगा कि वे आसानी से पुलिस की नजरों से बच निकलेंगे।
भारी-भरकम 16 चक्का ट्रक जैसे ही उस कच्चे रास्ते पर आगे बढ़ा, बारिश के कारण बनी दलदली मिट्टी में उसके विशाल पहिये गहरे धंस गए। इस दलदल में एक पिकअप वैन भी बुरी तरह फंस गई। इस घटना ने तस्करों की सारी योजना पर पानी फेर दिया और उन्हें अपनी करोड़ों की खेप वहीं छोड़नी पड़ी।
बिरौल के थानाध्यक्ष चंद्रमणि को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब माफिया मुख्य सड़कों पर कड़ी पुलिस निगरानी से बचने के लिए चौर के रास्ते विदेशी शराब की एक बड़ी खेप पार करने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को समझते हुए थानाध्यक्ष ने तुरंत कार्रवाई की।
रात लगभग 2 बजे, पुलिस टीम ने पूरे चौर इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस की गाड़ियों की रोशनी और गड़गड़ाहट सुनकर तस्कर और चालक अपने वाहनों को चालू हालत में ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से भाग निकले। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो वहां शराब से लदा 16 चक्का ट्रक और एक महिंद्रा पिकअप वैन लावारिस हालत में पाई गई।
जेसीबी की मदद से निकाली गई शराब की खेप
हालांकि तस्कर भाग निकले थे, लेकिन इन भारी वाहनों को दलदल से बाहर निकालना पुलिस टीम के लिए भी आसान नहीं था। पूरी रात की कोशिशों के बाद भी वाहन नहीं निकल पाए। बुधवार की सुबह एक बड़ी जेसीबी मशीन और क्रेन को मौके पर बुलाया गया।
करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों वाहनों को कीचड़ से खींचकर बाहर निकाला गया। कड़ी सुरक्षा के बीच इन वाहनों को बिरौल थाने लाया गया। यह कार्रवाई बिहार में शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Darbhanga Liquor News: 25 लाख की शराब जब्त, अंतरराज्यीय कनेक्शन
बिरौल थाना परिसर में जब्त वाहनों से शराब की खेप को उतारकर उसकी आधिकारिक गिनती और वीडियोग्राफी की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ट्रकों से 400 से अधिक कार्टन अवैध विदेशी शराब बरामद हुई है, जिसमें लगभग 10 हजार बोतलें शामिल हैं।
बरामद शराब की कुल ब्लैक मार्केट कीमत 25 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। यह पूरी खेप हरियाणा निर्मित है, जिसे पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रक के भीतर सूखे भूसे के बोरों की आड़ में तहखाना बनाकर छिपाया गया था। जब्त किए गए दोनों वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर भी हरियाणा राज्य के ही हैं।
बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि इस सिंडिकेट के तार अंतर-राज्यीय माफियाओं से जुड़े हैं। तस्कर इस बड़ी खेप को दरभंगा शहर और पड़ोसी जिले मधुबनी के स्थानीय छोटे डीलरों के नेटवर्क में ऊंचे दामों पर खपाने वाले थे। पुलिस ने दोनों गाड़ियों के चेसिस नंबर और हरियाणा के नंबर प्लेट के आधार पर वाहन मालिकों और अज्ञात चालकों के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
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स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि पिछले एक महीने के भीतर बिरौल पुलिस की यह दूसरी सबसे बड़ी और प्रभावी बरामदगी है, जिसने तस्करों की कमर तोड़ दी है। यह अभियान शराब माफियाओं के हौसले पस्त करने में सफल रहा है।
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