Narendra Modi Record News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचने वाले हैं। इस दिन वे एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित करेंगे जो स्वतंत्र भारत में अब तक किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री ने हासिल नहीं किया है। यह उपलब्धि उन्हें सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर बने रहने वाले नेता के रूप में दर्ज करेगी।
10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे। इस दिन वे देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 72 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ देंगे। नेहरू ने 13 मई 1952 को देश के पहले आम चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद प्रधानमंत्री पद संभाला था और 27 मई 1964 को अपने निधन तक लगातार इस पद पर रहे। उनका कार्यकाल कुल 4,397 दिनों का था।
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को शपथ ली थी। 9 जून 2026 को उनका कार्यकाल भी 4,397 दिनों का हो जाएगा, जो नेहरू के कार्यकाल के बराबर होगा। इसके ठीक अगले दिन, यानी 10 जून 2026 को, उनका कार्यकाल 4,398 दिनों तक पहुंच जाएगा। इस तरह वे निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले नेता बन जाएंगे।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कांग्रेस युग के कई रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं पीएम मोदी
पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के कई बड़े राजनीतिक रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। जुलाई 2025 में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 4,077 दिनों तक प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। इसके बाद वे लगातार कार्यकाल के मामले में नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर आ गए थे।
अब 10 जून 2026 को वे जवाहरलाल नेहरू का भी रिकॉर्ड पार कर लेंगे। इस उपलब्धि के साथ वे निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले नेता के रूप में इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएंगे। यह Narendra Modi Record News भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी।
जवाहरलाल नेहरू का कौन सा सबसे बड़ा रिकॉर्ड रहेगा बरकरार?
हालांकि, कुल प्रधानमंत्री कार्यकाल के मामले में जवाहरलाल नेहरू अभी भी पहले स्थान पर कायम हैं। उन्होंने 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी और 27 मई 1964 तक इस पद पर रहे। इस प्रकार उनका कुल कार्यकाल लगभग 6,131 दिनों का रहा, जो भारत के किसी भी प्रधानमंत्री का अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। यह Jawaharlal Nehru Record News आज भी अद्वितीय है।
गौरतलब है कि 15 अगस्त 1947 को जब भारत को स्वतंत्रता मिली थी, तब देश में संविधान लागू नहीं हुआ था। उस समय स्वतंत्र भारत के लिए कोई आम चुनाव भी नहीं हुआ था। इसलिए नेहरू 1947 में किसी लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नहीं बने थे।
दरअसल, 1946 में ब्रिटिश सरकार ने भारत में संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया शुरू की थी। इस संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा किया गया था, न कि सीधे जनता के वोटों से। तत्कालीन इंडियन नेशनल कांग्रेस उस समय संविधान सभा में सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति थी। कांग्रेस ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को अपना नेता चुना।
2 सितंबर 1946 को नेहरू के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ। इसमें वे कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष थे, जो व्यावहारिक रूप से प्रधानमंत्री के पद के समान था। 15 अगस्त 1947 को भारत के स्वतंत्र होने पर तत्कालीन गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन ने नेहरू को स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई।
भारत का पहला आम चुनाव 1951-52 में संपन्न हुआ था। इसमें कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला था, जिसके बाद 13 मई 1952 को नेहरू ने पुनः प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस प्रकार वे भारत के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने।
पीएम मोदी का तीसरा बड़ा कीर्तिमान: गैर-कांग्रेसी नेता के तौर पर
प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार तीसरी बार बहुमत से सत्ता में वापसी कर एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। वे स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं, जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर केंद्र में सरकार बनाई है। उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों में लगातार जीत हासिल की है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
ये सभी उपलब्धियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति में कई और नए रिकॉर्ड बनते और टूटते देखे जा सकते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







