RBI Gold News: भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में मीडिया में चल रही उन अटकलों पर विराम लगा दिया है जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि केंद्रीय बैंक ने अपने स्वर्ण भंडार का एक हिस्सा बेच दिया है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि उसका भौतिक स्वर्ण भंडार वर्तमान में 880.52 टन पर अपरिवर्तित बना हुआ है और उसने कोई बिक्री नहीं की है।
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देश के शीर्ष वित्तीय नियामक ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है जिनमें उसके स्वर्ण भंडार में कटौती की बात कही जा रही थी। आरबीआई ने साफ तौर पर कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह से निराधार हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है, जिससे जनता के बीच फैल रही भ्रामक जानकारी पर अंकुश लगाया जा सके।
रिजर्व बैंक ने आम जनता और निवेशकों को सलाह दी है कि वे स्वर्ण भंडार जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामलों में केवल केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। उसने दोहराया कि गलत सूचनाओं से बचना आवश्यक है और केवल प्रमाणित स्रोतों पर ही निर्भर रहना चाहिए।
क्या था सोना बेचने की अफवाहों का आधार?
कुछ प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि 22 मई 2026 को समाप्त हुई दो सप्ताह की अवधि के दौरान, भारतीय रिजर्व बैंक ने लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सोना अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा था। इन रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य रुपये पर बढ़ते दबाव को कम करना और देश के बढ़ते आयात बिल के कारण विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve India) को मजबूत करना था, जो आमतौर पर एक आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है।
इन अफवाहों ने बाजार में थोड़ी हलचल पैदा कर दी थी, क्योंकि केंद्रीय बैंक द्वारा इतनी बड़ी मात्रा में सोना बेचना एक असामान्य घटना मानी जाती है। हालांकि, वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने भी इन दावों को तुरंत सिरे से खारिज कर दिया था, यह स्पष्ट करते हुए कि ऐसी कोई बिक्री नहीं हुई है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक द्वारा सोने की बिक्री की कोई योजना नहीं थी और न ही ऐसा कोई लेन-देन हुआ है जिससे देश के स्वर्ण भंडार की स्थिति प्रभावित हुई हो। आरबीआई ने अपनी पारदर्शिता नीति के तहत बताया कि उसके स्वर्ण भंडार से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से आरबीआई के मासिक बुलेटिन में प्रकाशित की जाती है और यह जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
भारत के स्वर्ण भंडार की वर्तमान स्थिति
भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश का भौतिक स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर यथावत बना हुआ है। यह आंकड़ा केंद्रीय बैंक की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक बाजारों में उसकी मजबूत स्थिति का प्रतीक है। केंद्रीय बैंक अपने सोने के भंडार को विभिन्न रणनीतिक उद्देश्यों के लिए रखता है, जिसमें मुद्रा स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक संकट के समय सहारा देना शामिल है।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच, कई केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार को मजबूत कर रहे हैं। भारत भी इस प्रवृत्ति का हिस्सा रहा है, क्योंकि सोना को अक्सर मुद्रास्फीति के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश और भू-राजनीतिक जोखिमों के खिलाफ एक बचाव के रूप में देखा जाता है।
क्यों बढ़ रही है विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी?
आरबीआई के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। सितंबर 2025 के अंत में, यह हिस्सेदारी लगभग 13.92 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाती है।
इसके बाद, 31 मार्च 2026 तक, सोने की यह हिस्सेदारी और बढ़कर 16.70 प्रतिशत पर पहुंच गई। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 22 मई 2026 तक इसमें और इजाफा हुआ और यह 16.85 प्रतिशत के स्तर पर जा पहुंची। यह रुझान दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक अपने पोर्टफोलियो में सोने के महत्व को बढ़ा रहा है।
केंद्रीय बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, मई के अंतिम सप्ताह तक भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 686 अरब डॉलर से 703 अरब डॉलर के बीच रहा। इसी अवधि में, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 550 अरब डॉलर से अधिक रहीं, जो देश की आर्थिक मजबूती और अंतरराष्ट्रीय भुगतान दायित्वों को पूरा करने की क्षमता का संकेत है।
इसी दौरान, भारत के स्वर्ण भंडार का मूल्य भी 1.13 लाख करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया। यह न केवल वैश्विक सोने की कीमतों में वृद्धि को दर्शाता है, बल्कि आरबीआई की लगातार सोने की खरीद नीतियों के प्रभाव को भी प्रदर्शित करता है, जो देश की आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ कर रही हैं।
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आरबीआई द्वारा सोना न बेचे जाने की स्पष्ट पुष्टि से बाजार में व्याप्त सभी अटकलों का दौर समाप्त हो गया है। यह स्पष्टीकरण निवेशकों और आम जनता के बीच केंद्रीय बैंक की विश्वसनीय नीतियों और देश की आर्थिक स्थिरता के प्रति विश्वास बनाए रखने में अत्यधिक सहायक सिद्ध होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






