Darbhanga Environment News: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दरभंगा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सराहनीय पहल की गई है। बागमती नदी के वृंदावन घाट पर जिला गंगा समिति और दरभंगा नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान पचास से अधिक युवाओं ने एकजुट होकर श्रमदान किया, जिससे घाट पर नई ऊर्जा का संचार हुआ और स्वच्छता का संदेश दूर-दूर तक पहुंचा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजनों को स्वच्छ पर्यावरण, जल स्रोतों के महत्व और नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करना था, ताकि सामुदायिक सहभागिता से पर्यावरण की रक्षा की जा सके।
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युवाओं ने उठाई पर्यावरण संरक्षण की बड़ी जिम्मेदारी
जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला गंगा समिति, दरभंगा के निर्देशानुसार यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम वृंदावन घाट, शिवाजी नगर, वार्ड संख्या-22 में आयोजित किया गया। इस पहल में नदी घाट का भ्रमण, घाट स्वच्छता के लिए श्रमदान और पर्यावरण संरक्षण विषयक जन जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे। उपस्थित प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ घाट परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों का सावधानीपूर्वक संग्रहण किया, जिससे घाट का स्वरूप काफी बदल गया।
युवाओं ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों को एकल-उपयोग प्लास्टिक के गंभीर दुष्प्रभावों और स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जागरूक किया। उन्होंने बताया कि कैसे प्लास्टिक हमारे पर्यावरण और जल निकायों को नुकसान पहुंचा रहा है। यह पहल सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए की गई थी। इस प्रयास से Darbhanga River Cleanliness को लेकर भी समाज में एक नई चेतना और जागरूकता का संचार हुआ है, जिससे भविष्य में नदियों की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद जगी है।
स्वच्छ नदियों के बिना कैसा स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य?
जिला गंगा समिति के जिला परियोजना पदाधिकारी श्री फारूक इमाम ने इस अवसर पर युवाओं और स्थानीय नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को एक व्यापक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि स्वच्छ नदियाँ और स्वच्छ पर्यावरण ही आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं। श्री इमाम ने लोगों से अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने और सभी जल स्रोतों को प्रदूषणमुक्त रखने की गंभीर अपील की।
उन्होंने समझाया कि प्रकृति का सम्मान करना और उसे बचाना हम सभी की सामूहिक और नैतिक जिम्मेदारी है। श्री इमाम ने यह भी बताया कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयासों से भी पर्यावरण के क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। उनका यह संदेश स्पष्ट था कि हमें अपनी नदियों को बचाना होगा, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रह पाएगा।
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हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी है जरूरी
स्थानीय वार्ड संख्या-22 की पार्षद रिंकू कुमारी ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से ही संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय और निरंतर भागीदारी बेहद आवश्यक है। पार्षद ने स्वच्छ और हरित वातावरण के निर्माण के लिए युवाओं और आमजन से निरंतर सहयोग करने का भावुक आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह हमारा साझा कर्तव्य है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों को गंगा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण शपथ भी दिलाई गई। सभी ने गंगा और उसकी सहायक नदियों, तालाबों तथा अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लिया। उन्होंने यह भी शपथ ली कि वे उनमें कूड़ा-कचरा और पॉलीथिन का निस्तारण नहीं करेंगे, जलीय जीवों एवं वृक्षों के संरक्षण के लिए कार्य करेंगे और स्वच्छता के प्रति समाज को जागरूक करने में अपना योगदान देंगे।
सभी प्रतिभागियों ने अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण हेतु हर संभव सकारात्मक बदलाव अपनाने का वादा किया। उन्होंने अपने परिवार, मित्रों एवं अन्य लोगों को भी पर्यावरण-अनुकूल आदतों एवं व्यवहारों के प्रति प्रेरित करने की शपथ ली, ताकि यह संदेश व्यापक रूप से फैल सके। इस अभियान में स्थानीय समाजसेवी अरुण शर्मा, नमामि गंगे संजीव कुमार, पूजा कुमारी एवं मणिकांत ठाकुर जैसे प्रमुख लोग शामिल हुए। साथ ही, युवा स्वयंसेवक सुमेधा नयन प्रिया, प्रिन्स ज़िकरा फातमा, तथा दरभंगा नगर निगम से राकेश कुमार सहित पचास से अधिक युवा और स्थानीय नागरिक भी इस पुनीत कार्य में जुटे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की, जिससे यह कार्यक्रम सफल रहा।
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यह कार्यक्रम दर्शाता है कि जब समाज के विभिन्न वर्ग, विशेषकर युवा, एक साथ आते हैं, तो पर्यावरण जैसे गंभीर मुद्दों पर भी प्रभावी ढंग से काम किया जा सकता है। दरभंगा के लोगों ने इस पहल के माध्यम से एक सकारात्मक मिसाल पेश की है, जो निश्चित रूप से अन्य क्षेत्रों और समुदायों को भी प्रेरित करेगी। यह सामूहिक प्रयास ही एक स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।







