Pirpainti Liquor News: भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र स्थित मुरली पहाड़ पर मध निषेध विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार की शाम विभिन्न थानों से जब्त की गई भारी मात्रा में अवैध शराब का विनष्टीकरण किया गया। इस दौरान कुल 1115 लीटर शराब को नष्ट किया गया, जिसमें देशी और विदेशी दोनों प्रकार की शराब शामिल थी। यह अभियान अवैध शराब कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश है और क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है।
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अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 12 थानों की शराब नष्ट
मध निषेध विभाग के थानाध्यक्ष राजेश कुमार के कुशल नेतृत्व में यह व्यापक विनष्टीकरण अभियान चलाया गया। विभाग ने कानूनी प्रावधानों और नियमानुसार सभी प्रक्रियाओं का पालन किया। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई का प्राथमिक उद्देश्य जब्त की गई अवैध शराब के दोबारा उपयोग या किसी भी प्रकार के दुरुपयोग की संभावनाओं को जड़ से खत्म करना था, जिससे समाज में शराबबंदी कानून की महत्ता बनी रहे।
मिली जानकारी के अनुसार, पीरपैंती, बाखरपुर, ईशीपुर, एकचारी, शिवनारायणपुर, कहलगांव, अंतिचक, एनटीपीसी थाना, सनोखर, बुद्धिचक, सन्हौला और आमडंडा जैसे कुल 12 विभिन्न थाना क्षेत्रों से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई थी। इन सभी थानों से एकत्रित की गई शराब को विशेष रूप से मुरली पहाड़ लाया गया। वहां, सुरक्षा घेरे के बीच जमीन में बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर उसे नष्ट कर दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी बोतल या सामग्री दोबारा इस्तेमाल न हो।
इस विनष्टीकरण प्रक्रिया के दौरान कुल 808 लीटर देशी शराब और 307 लीटर विदेशी शराब को एक साथ नष्ट किया गया। इस प्रकार, कुल 1115 लीटर शराब को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया गया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जिले में अवैध शराब का कारोबार कितनी बड़ी मात्रा में फल-फूल रहा था, जिस पर अब लगाम कसी जा रही है।
न्यायालय के निर्देश पर कठोरता से हुआ विनष्टीकरण
मध निषेध विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में बताया कि जब्त शराब का विनष्टीकरण केवल विभागीय निर्देशों के आधार पर ही नहीं, बल्कि माननीय न्यायालय द्वारा जारी आदेशों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाता है। यह प्रक्रिया अवैध शराब को कानूनी रूप से नष्ट करने के लिए अत्यंत आवश्यक है, ताकि कोई भी इसे दोबारा बाजार में न ला सके। यह सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए दंडाधिकारी मनीष कुमार को विशेष रूप से प्रतिनियुक्त किया गया था। हालांकि, विनष्टीकरण के समय वे मौके पर प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं थे, फिर भी मध निषेध विभाग की टीम ने पूरी ईमानदारी और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई को सफलतापूर्वक संपन्न किया। विभाग ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने का दावा किया है।
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई अवैध शराब के धंधे में लिप्त बड़े-बड़े माफियाओं और छोटे-मोटे विक्रेताओं दोनों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। इससे यह संदेश जाता है कि सरकार और प्रशासन शराबबंदी कानून को लेकर गंभीर हैं और किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने का विभाग का संकल्प
मध निषेध थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि जिले में शराबबंदी कानून को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभाग लगातार सक्रिय है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण, उसकी बिक्री और तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरतने वाला है।
इस पूरे विनष्टीकरण अभियान के दौरान मध निषेध विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और अन्य कर्मचारी मौके पर मुस्तैद थे। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि विनष्टीकरण प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित हो और पर्यावरण को भी कोई नुकसान न पहुंचे। बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए विभाग पूरी मुस्तैदी और समर्पण के साथ काम कर रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके।
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अवैध शराब के खिलाफ यह निरंतर कार्रवाई बिहार सरकार की शराबबंदी नीति के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। विभाग ने भविष्य में भी ऐसी कठोर और व्यापक कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है, जिसका लक्ष्य बिहार को पूर्णतः शराबमुक्त राज्य बनाना है। यह कदम न केवल कानून का सम्मान सुनिश्चित करता है, बल्कि राज्य में सामाजिक शांति और व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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