Patna Cyber Crime News: बुजुर्ग महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लूटे 2.66 करोड़! पढ़िए -‘सुप्रीम कोर्ट’- ‘आरबीआई’ का फर्जीवाड़ा, कैसे हुई ठगी का खुलासा?
: पटना के साइबर थाने की पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला ज्योति वर्मा के साथ ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 2.66 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी शुभम राय को कोलकाता के हुगली से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करती है।
पकड़ा गया आरोपी शुभम राय कोलकाता के हुगली जिले के सेरामपोर बोरल बगान लेन का निवासी है। इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है, क्योंकि इसमें एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस गहनता से जांच कर रही थी।
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कैसे हुई 2.66 करोड़ की ठगी का खुलासा?
पीड़ित महिला ज्योति वर्मा पटना के कदमकुआं थाने के राजेंद्र नगर इलाके की रहने वाली हैं। साइबर थाना प्रभारी सह डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस मामले का केस पटना के साइबर थाने में 15 नवंबर 2024 को दर्ज किया गया था।
घटना की शुरुआत 5 नवंबर 2024 को हुई, जब ज्योति वर्मा को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर कहा कि उन्होंने एसबीआई में क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था। उसने यह भी बताया कि उस क्रेडिट कार्ड से महिला 1.15 लाख रुपये खर्च कर चुकी हैं और उनके खिलाफ इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।
‘डिजिटल अरेस्ट’ और मनी लॉन्ड्रिंग का डर
जब ज्योति वर्मा ने किसी क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से इनकार किया, तो उन्हें एक कथित ‘बड़े अधिकारी’ से बात करने के लिए कहा गया। साइबर अपराधियों ने उन्हें डराते हुए बताया कि उनके नाम से केनरा बैंक, हैदराबाद में एक खाता है। यह खाता नरेश गोयल से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है और वे इस मामले में मुख्य संदिग्ध हैं।
इसके बाद, जालसाजों ने व्हाट्सएप पर एक फर्जी अरेस्ट वारंट भी भेज दिया। ज्योति वर्मा, जो एक वरिष्ठ नागरिक हैं और पटना में अकेली रहती हैं, इस घटना से बहुत घबरा गईं। उन्हें बताया गया कि जो व्यक्ति उनसे बात कर रहा था, वह नरेश गोयल फ्रॉड ग्रुप का सीबीआई इंचार्ज के. शिवा सुब्रमणी है, जिसका मोबाइल नंबर 72#97 है।
‘सुप्रीम कोर्ट’ और ‘आरबीआई’ का फर्जीवाड़ा
बदमाशों ने महिला को यह कहकर धमकाया कि यह बहुत गंभीर मामला है, इसलिए किसी को कुछ भी बताने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्होंने यह बात किसी से साझा की, तो उनके पूरे परिवार की जान को खतरा हो सकता है। इसके बाद, जालसाजों ने महिला को अपना सारा पैसा सुप्रीम कोर्ट को भेजने का निर्देश दिया, जिसकी निगरानी में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) उनके पैसे की जांच करेगा।
अपराधी समय-समय पर व्हाट्सएप पर सुप्रीम कोर्ट और रिजर्व बैंक के फर्जी कागजात भेजते रहते थे। उन्होंने ज्योति वर्मा को घर से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी और बताया कि उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्हें कई दिनों तक घर में ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर रखा गया।
एनओसी के नाम पर लाखों की ठगी
इस दौरान उन्हें यह भी बताया गया कि उनके घर की बाहर से बकायदा रखवाली की जा रही है। इसके बाद, जालसाज लगातार ज्योति वर्मा को डरा-धमकाकर चेक और आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से अलग-अलग बैंक खातों में पैसा डलवाते रहे। बाद में, बदमाशों ने उन्हें झूठी जानकारी दी कि उनके पास कोई ब्लैक मनी नहीं मिली है, इसलिए अब उन्हें एनओसी (NOC) मिलेगा।
इस एनओसी के लिए भी उनसे अलग से पैसे की मांग की गई। डरी हुई ज्योति वर्मा ने 7.50 लाख रुपये और दे दिए। इस तरह, इन शातिर बदमाशों ने ज्योति वर्मा से कुल 2.66 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी कर ली।
पुलिस ने कोलकाता से ऐसे दबोचा आरोपी
इस पूरी घटना के बाद, जब एक परिचित उनके घर पर आए, तब ज्योति वर्मा ने रोते हुए उन्हें सारी बात बताई। इसके बाद, साइबर थाने में केस दर्ज कराया गया, जिस पर पुलिस ने अब बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस को आरोपी के देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कोलकाता में होने का सटीक इनपुट मिला, जिसके बाद एक विशेष टीम भेजी गई जिसने शुभम राय को दबोच लिया।
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डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। इस मामले में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।







