Nalanda Nitish Kumar News: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में अपने गृह जिले नालंदा का दौरा किया, जो राजनीतिक गलियारों और स्थानीय जनता के लिए चर्चा का विषय बन गया। हरनौत नगर पंचायत स्थित मधोपुर-सबनहुआ गांव में, वे अपनी स्वर्गीय मौसी के घर 40 साल बाद पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने न केवल अपने परिजनों से शिष्टाचार मुलाकात की, बल्कि गांव वालों ने भी उनका भव्य स्वागत किया, जिससे पूरे इलाके में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई।
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40 साल बाद मौसी के घर वापसी: ग्रामीणों में उत्साह और भावुक पल
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफिला जैसे ही रविवार दोपहर को मधोपुर-सबनहुआ गांव पहुंचा, उन्हें देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सड़कों के दोनों ओर ग्रामीण घंटों पहले से खड़े थे, अपने लोकप्रिय नेता की एक झलक पाने को उत्सुक। नीतीश कुमार ने भी अपनी गाड़ी से ही हाथ जोड़कर भीड़ का अभिवादन स्वीकार किया, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और बढ़ गया। गांव में उनका यह ठहराव लगभग पांच मिनट का रहा, लेकिन यह पल गांव वालों के लिए यादगार बन गया। इस दौरान उन्होंने अपनी स्वर्गीय मौसी देव लगन देवी और स्वर्गीय मौसा रामानंद सिंह के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। यह एक भावभीनी श्रद्धांजलि थी, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
उनके मौसेरे भाई रामजी प्रसाद ने इस ऐतिहासिक दौरे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नीतीश कुमार लगभग 40 साल बाद इस गांव में पधारे हैं। उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि पिछली बार जब वह यहां आए थे, तब वे एक सक्रिय नेता के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कर रहे थे। इतने लंबे अंतराल के बाद उन्हें अपने बीच पाकर गांव वालों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। ग्रामीण अपने नेता को करीब से देखने और उनसे बात करने को आतुर थे। सभी ने मिलकर पूर्व मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया, जगह-जगह ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए, जिससे पूरे गांव में उत्सव का माहौल बन गया। यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक भेंट नहीं था, बल्कि दशकों पुराने रिश्तों को फिर से ताजा करने का एक भावनात्मक क्षण भी था।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: प्रशासनिक अमला मुस्तैद और कड़ी निगरानी
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुबह से ही सुरक्षा के अभूतपूर्व बंदोबस्त कर रखे थे। हरनौत नगर पंचायत के मधोपुर-सबनहुआ गांव से लेकर कल्याण बिगहा रोड तक, चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षाकर्मी हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे थे ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था की पूरी कमान बिहारशरीफ के एसडीएम किसलय श्रीवास्तव, एसडीपीओ-2 संजय कुमार जायसवाल, हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा और कल्याण बिगहा थानाध्यक्ष निशा भारती ने संभाली थी। उनके नेतृत्व में दर्जनों पुलिसकर्मियों ने पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी। प्रशासनिक मुस्तैदी ने इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों से मुलाकात: समस्याओं का निस्तारण और संवाद
इस विशेष अवसर पर कई स्थानीय लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री को आवेदन भी सौंपे। नीतीश कुमार ने धैर्यपूर्वक ग्रामीणों की बातें सुनीं और उन्हें उनकी समस्याओं के समाधान का हर संभव आश्वासन दिया। यह दर्शाता है कि वे आज भी अपने गृह जिले के लोगों से सीधे जुड़ने और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान बिहार विधान परिषद के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन सर्राफ, और जदयू जिलाध्यक्ष मो. अरशद सहित कई प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, प्रखंड अध्यक्ष रविकांत कुमार, उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि सह समाजसेवी सुरेश सिंह, निरंजन सिंह और रामजी सिंह जैसे कई स्थानीय नेता भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। प्रशासनिक अधिकारियों में बीडीओ डॉ. पंकज कुमार और ईओ सौरव सुमन भी इस मौके पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे। जदयू प्रखंड प्रवक्ता रौशन, नगर जदयू अध्यक्ष श्याम बालक साह, कक्कू, पार्षद प्रतिनिधि परमेंद्र पांडे और बंटी जैसे कई अन्य जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता भी इस दौरे में शामिल हुए, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद स्थापित किया। ग्रामीणों ने नीतीश कुमार के समर्थन में ‘जिंदाबाद’ के नारे लगाए, जो उनकी लोकप्रियता और क्षेत्र में उनके प्रति सम्मान को दर्शाता है।
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यह दौरा न केवल एक पारिवारिक मुलाकात थी, बल्कि इससे स्थानीय लोगों को अपने मुद्दों को सीधे प्रदेश के प्रमुख नेता तक पहुंचाने का एक दुर्लभ अवसर भी मिला। नीतीश कुमार का यह कदम उनके गृह जिले नालंदा और खासकर हरनौत क्षेत्र के लोगों से उनके भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करता है। यह यात्रा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के बाद पहली बार अपने गृह क्षेत्र में इस तरह की विस्तृत सार्वजनिक उपस्थिति थी।
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