Munger RSS News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन दिवसीय बिहार दौरे पर पहुँच चुके हैं। सीएम सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। यह दौरा 7 जून से 9 जून, 2026 तक निर्धारित है, जिसके तहत वे विभिन्न संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे। उनका पटना आगमन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा गर्मजोशी से स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद उन्होंने मुंगेर की यात्रा की, जहाँ वे संघ शिक्षा वर्ग के विशेष कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। इस प्रवास का मुख्य उद्देश्य संघ के शताब्दी वर्ष के समारोहों के मद्देनजर स्वयंसेवकों से सीधा संवाद स्थापित करना और संगठन को मजबूत करना है।
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मुंगेर में शताब्दी वर्ष की तैयारी: 700 स्वयंसेवकों का विशेष प्रशिक्षण
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है, और इसी उपलक्ष्य में देशभर में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सरसंघचालक का बिहार दौरा इन्हीं आयोजनों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो संगठन के लिए ऊर्जा और दिशा का स्रोत बनेगा। मुंगेर के सरस्वती विद्या मंदिर, पुरानीगंज परिसर में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग में बिहार और झारखंड के लगभग 700 चयनित स्वयंसेवक विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन स्वयंसेवकों को भविष्य के प्रशिक्षक और संगठन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं के रूप में तैयार किया जा रहा है।
मोहन भागवत इस कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों को संघ की कार्यप्रणाली और सामाजिक दायित्वों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। इसके अतिरिक्त, शताब्दी वर्ष से जुड़े अभियानों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए भी गहन मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। आवासीय प्रशिक्षण के माध्यम से ये कार्यकर्ता संघ के आदर्शों और सिद्धांतों को आत्मसात करेंगे, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें और समाज को सही दिशा दे सकें। यह प्रशिक्षण संघ के भीतर नेतृत्व निर्माण की प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा माना जाता है, जो जमीनी स्तर पर संघ की पकड़ को मजबूत करेगा।
राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता का संकल्प: संघ प्रमुख का मार्गदर्शन
सरसंघचालक के इस दौरे का एक प्रमुख लक्ष्य राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर स्वयंसेवकों को दिशा-निर्देश देना है। उम्मीद है कि वे सामाजिक समरसता और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विशेष बल देंगे, जो वर्तमान समय की एक बड़ी आवश्यकता है। संघ का प्रयास है कि उसके प्रशिक्षित कार्यकर्ता समाज के हर तबके तक पहुँचें और सेवा कार्यों को मजबूत करें, जिससे एक सशक्त और एकजुट समाज का निर्माण हो सके। इस कड़ी में, Bihar RSS News के अनुसार, यह दौरा बिहार में संघ की गतिविधियों को और अधिक गति प्रदान करेगा और इसकी पहुँच को बढ़ाएगा।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, ये कार्यकर्ता अपने-अपने जिलों और क्षेत्रों में वापस जाकर स्थानीय शाखाओं, सामाजिक अभियानों और जनसंपर्क कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। यह अपेक्षा की जाती है कि वे संघ के विचारों और उद्देश्यों को स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रसारित करेंगे। मोहन भागवत अपने संबोधनों में स्वयंसेवकों को सामाजिक स्तर पर अधिक सक्रिय होने और व्यापक जनसंपर्क बढ़ाने का संदेश दे सकते हैं, जिससे संघ का शताब्दी वर्ष अभियान और भी सफल हो सके। उनका मार्गदर्शन स्वयंसेवकों को राष्ट्रव्यापी सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए प्रेरित करेगा और उन्हें एक नई दिशा प्रदान करेगा।
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यह दौरा संघ के शताब्दी वर्ष के भव्य समारोहों से पहले कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा, जिससे संगठन का आधार और भी मजबूत होगा। संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराने के लिए सरसंघचालक का यह प्रवास अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान संघ के विस्तार और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए कई रणनीतियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
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