Patna Road Accident News: रविवार देर रात अरवल-पटना नहर रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सोन नहर में जा गिरी। इस दर्दनाक घटना में बिहटा के अमहारा निवासी ऋषांक सिंह समेत चार युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। इस खबर से पूरे इलाके में शोक और मातम का माहौल है।
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नहर में समा गई तेज रफ्तार कार, 4 की मौत
रविवार रात करीब 12:30 बजे यह दुखद घटना गांधी मैदान के पास अरवल-पटना नहर रोड पर घटी। जानकारी मिली है कि एक तेज रफ्तार कार सोन नहर में जा गिरी। इस दुर्घटना में कार में सवार चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार बहुत तेज गति से आ रही थी और अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। परिणामस्वरूप, कार अनियंत्रित होकर सीधे नहर के गहरे पानी में समा गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। बाद में पुलिस दल और गोताखोर मौके पर पहुंचे। क्रेन और हाइड्रा मशीन की सहायता से कार को नहर से बाहर निकाला गया।
कार से निकाले गए चार युवकों की पहचान बाद में हुई, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। मृतकों की पहचान रानीतालाब थाना क्षेत्र के कनपा निवासी मनोज कुमार, बिहटा के अमहारा निवासी ऋषांक सिंह, पटना के कंकड़बाग निवासी अमन कुमार और एक अन्य युवक के रूप में की गई है। पुलिस अभी चौथे मृतक की पहचान सत्यापित करने में लगी है और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर रही है। इस हादसे में घायल हुए पांचवें युवक का नाम रोहित कुमार बताया जा रहा है। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
कैसे नहीं खुल पाए कार के दरवाजे?
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार के नहर में गिरने के बाद पानी के तीव्र दबाव के कारण उसके दरवाजे और खिड़कियां नहीं खुल सकीं। अंदर फंसे युवक बाहर नहीं निकल पाए। आशंका है कि डूबने और दम घुटने से ही चारों युवकों की दुखद मौत हुई।
ऋषांक सिंह का असमय निधन, अमहारा गांव में मातम
इस दुर्घटना में ऋषांक सिंह के निधन से उनके पैतृक गांव अमहारा में गहरा शोक छाया हुआ है। ऋषांक अपने परिवार के इकलौते बेटे थे और उन पर परिवार की बड़ी जिम्मेदारियां थीं। कुछ साल पहले उनके पिता और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता त्र्यंबक राज का निधन हो गया था। पिता के जाने के बाद ऋषांक ही परिवार और समाज की जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे थे।
सोमवार सुबह जैसे ही ऋषांक की मौत की खबर गांव पहुंची, पूरे अमहारा में मातम पसर गया। उनके घर पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ऋषांक की माँ और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग उनके परिवार को सांत्वना देने का प्रयास कर रहे हैं। ऋषांक की असामयिक मृत्यु ने Rishank Singh Death News से जुड़े दुखद माहौल को और गहरा कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि ऋषांक अपने पिता की तरह ही सामाजिक कार्यों में अत्यंत सक्रिय थे। वे गांव के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहते थे और जरूरतमंदों की मदद करने में पीछे नहीं हटते थे। युवाओं के बीच भी उनकी लोकप्रियता काफी अधिक थी।
अपूर्णीय क्षति: ग्रामीणों का दर्द
गांव वालों का कहना है कि पिता के बाद अब इकलौते बेटे की इस दर्दनाक मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। लोगों को ऋषांक से बहुत उम्मीदें थीं कि वह आगे चलकर समाज में एक अलग पहचान बनाएंगे, लेकिन इस भयानक हादसे ने सारे सपनों को चकनाचूर कर दिया। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूर्णीय क्षति बताया है, जिसकी भरपाई करना कठिन होगा। यह घटना समाज में सड़क सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर उजागर करती है।
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