Bihar Women Commission News: बिहार राज्य महिला आयोग ने बीते एक साल में शिकायतों के निपटारे और महिला जागरूकता कार्यक्रमों में शानदार प्रगति की है। आयोग ने न्याय तक पहुंच बढ़ाने और राज्य भर में सहायता सेवाओं को मजबूत करने की योजना भी तैयार की है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने बताया कि संस्थान की भूमिका सिर्फ शिकायतों का समाधान करना नहीं है, बल्कि महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और हकों के बारे में शिक्षित करना भी है।
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गांव-गांव तक पहुंचा महिला आयोग का जागरूकता अभियान
अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रयासों के तहत, आयोग ने पहली बार जागरूकता डायरी और कैलेंडर प्रकाशित किए हैं। साथ ही, “महिला आयोग आपके द्वार, जानिए अपने हक और अधिकार” अभियान भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों के बारे में जानकारी सीधे समुदायों तक पहुंचाना है। यह अभियान समस्तीपुर जिले के म्यारी-सलेमपुर गांव से शुरू हुआ और इसमें 3,000 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया।
आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में पटना में सबसे अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 713 मामले शामिल थे। इनमें से 674 का निपटारा हो चुका है, जबकि 39 अभी भी लंबित हैं। नालंदा में सबसे कम शिकायतें दर्ज की गईं, जहां 97 मामले प्राप्त हुए। भागलपुर में 562 शिकायतें दर्ज की गईं और 526 का निपटारा किया गया, जबकि बेगूसराय ने प्राप्त 461 मामलों में से 419 का समाधान किया।
ऑनलाइन शिकायत सुविधा और सुनवाई ‘आपके द्वार’ से मिली बड़ी राहत
मिश्रा ने बताया कि जब जून 2025 में आयोग का पुनर्गठन किया गया था, तब 9,751 से अधिक मामले लंबित थे। निपटारे में तेजी लाने और सुनवाई को अधिक सुलभ बनाने के लिए, आयोग ने “महिला आयोग आपके द्वार” कार्यक्रम शुरू किया। इस पहल के तहत, अब तक 12 जिलों में विशेष सुनवाई शिविर आयोजित किए गए हैं, जिससे महिलाएं अपने घरों के करीब अपने मामले पेश कर सकती हैं।
आयोग ने 19 सितंबर, 2025 को एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रणाली भी शुरू की, जिससे महिलाएं आयोग कार्यालयों का दौरा किए बिना अपनी शिकायतें दर्ज कर सकती हैं। शिकायत निवारण के अलावा, आयोग की टीमें नियमित रूप से बिहार भर के वन स्टॉप सेंटर, जेलों और बालिका गृहों का निरीक्षण कर रही हैं। यह निकाय महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित मुद्दों का स्वतः संज्ञान भी ले रहा है और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई कर रहा है।
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शिकायतों के निपटारे में 93% से अधिक की दर: आयोग का बड़ा खुलासा
प्रमुख जिलों में, समस्तीपुर ने प्राप्त 349 शिकायतों में से 344 का निपटारा किया, जबकि दरभंगा में 287 में 280 मामलों का निष्पादन हुआ। रोहतास ने 253 में से 250 मामलों का समाधान किया। सूचीबद्ध जिलों में गया में सबसे अधिक लंबित मामले थे, जहां 54 मामले अभी भी निपटारे का इंतजार कर रहे हैं। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान कुल 3,859 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 3,592 मामलों का निपटारा किया गया और 250 लंबित रहे, जिसके परिणामस्वरूप निपटारे की दर 93 प्रतिशत से अधिक रही।
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