Patna Corruption News: बिहार में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक बार फिर कड़ा कदम उठाया है। मंत्री दिलीप जायसवाल के सख्त निर्देश के बाद 10 और अंचल अधिकारियों (COs) पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इस फैसले से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
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कई अधिकारियों पर गिरी गाज, बर्खास्तगी तक की सिफारिश
मंत्री दिलीप जायसवाल के निर्देशों पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई की है। इस कड़ी में अंचल अधिकारी (CO) अंजलि कुमारी को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है। उन पर 2021 से बिना किसी पूर्व सूचना के कर्तव्य से अनुपस्थित रहने का आरोप है, जिसके लिए उन्होंने विभाग को कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया।
यह कोई पहली घटना नहीं है, क्योंकि इससे पहले भी सोनी कुमारी नामक एक अन्य अंचल अधिकारी को बर्खास्त करने की सिफारिश की जा चुकी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, कुमारी आंचल, जो छपरा की अंचल अधिकारी हैं, को सूचना आयोग का ₹25,000 का जुर्माना नहीं भरने के कारण निंदा प्रस्ताव मिला है।
बोधगया के तत्कालीन अंचल अधिकारी अविनाश कुमार को सरकारी जमीन के गलत दाखिल-खारिज और एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से काम कराने के आरोप में एक साल की वेतन वृद्धि पर रोक लगाकर दंडित किया गया है। अस्थांवा के अंचल अधिकारी रविन्द्र कुमार चौपाल को एक ही जमीन की दोहरी जमाबंदी को सुधारने में अनावश्यक देरी करने के लिए निंदा प्रस्ताव जारी किया गया है।
गोपालगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी राकेश कुमार को दाखिल-खारिज के आवेदन को गलत तरीके से खारिज करने का दोषी पाया गया। इस गंभीर अनियमितता के लिए उन्हें निंदा प्रस्ताव जारी किया गया है और साथ ही उनके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की गई है।
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नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य अधिकारी
मोकामा के तत्कालीन अंचल अधिकारी ज्ञानानन्द पर नियमों के विरुद्ध दाखिल-खारिज पास करने का आरोप है। उन्हें सख्त चेतावनी के साथ चार्जशीट जारी की गई है, जो उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। मधेपुरा की अंचल अधिकारी केशिका कुमारी को ऑनलाइन दाखिल-खारिज में अनियमितताओं के लिए चार्जशीट का सामना करना पड़ा है, जो डिजिटल प्रक्रिया में भी गड़बड़ी को उजागर करता है।
हथुआ (गोपालगंज) के अंचल अधिकारी राज नारायण राजा को सरकारी आदेशों की अवहेलना करने और महत्वपूर्ण फाइलों को अनावश्यक रूप से लटकाने के लिए चार्जशीट जारी की गई है। गया के आमस के तत्कालीन अंचल अधिकारी राम कुमार रमण पर एक ही जमीन को दो अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर करने का गंभीर आरोप है, जिसके चलते उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।
फारबिसगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी संजीव कुमार ने सरकारी जमीन से जुड़ी फाइलों को महीनों तक दबाकर रखा। इस लापरवाही के लिए उन पर चार्जशीट जारी की गई है, जो कार्य में पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है। ये सभी मामले विभाग में व्याप्त अनियमितताओं और अधिकारियों की मनमानी को रेखांकित करते हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कुल 42 अधिकारियों पर सख्त एक्शन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा 10 अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के साथ ही अब तक कुल 42 अंचल अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। इससे पहले 32 अंचल अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, अनियमितता और कार्य में लापरवाही के अलग-अलग गंभीर आरोपों के तहत कार्रवाई की जा चुकी थी। यह दिखाता है कि Bihar Land Reforms News से जुड़े मामलों में सरकार की सख्ती लगातार बढ़ रही है।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि भूमि और राजस्व विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका यह रुख सरकारी कार्यप्रणाली को स्वच्छ और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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इतनी बड़ी संख्या में अंचल अधिकारियों पर एक साथ हुई कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। कई जिलों में कार्यरत अधिकारी अब अत्यधिक सतर्कता बरत रहे हैं और लंबित फाइलों की दोबारा गहन जांच शुरू कर दी गई है। यह कदम विभाग में पारदर्शिता और ईमानदारी लाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।







