Bhagalpur Crime News: नवगछिया पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी फाइनेंस कंपनी चलाने वाले एक अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह भोली-भाली महिलाओं को लाखों रुपये का चूना लगा रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने बताया कि यह गिरोह महिलाओं को मात्र 10 हजार रुपये जमा करने पर 12 घंटे के भीतर दो लाख रुपये का व्यावसायिक ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। इस उद्भेदन को नवगछिया पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
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फर्जी कंपनी का पर्दाफाश: ऐसे फंसाती थीं महिलाओं को
नवगछिया पुलिस ने फर्जी फाइनेंस कंपनी के नाम पर महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सहरसा और मधेपुरा जिलों में छापेमारी कर एक महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाता था, उन्हें 10 हजार रुपये के बदले 12 घंटे में दो लाख रुपये का व्यावसायिक ऋण देने का लालच देकर ठगी करता था।
एसपी वैभव शर्मा ने एक प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 7 जून को सोनी देवी नाम की महिला ने साइबर थाना नवगछिया में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, नवगछिया थाना क्षेत्र के एनएच-31 स्थित संतोष धर्मकांटा के पास एक अर्धनिर्मित भवन में ‘आईबीएल फाइनेंस लिमिटेड’ नाम की एक कंपनी चल रही थी। यह कंपनी महिलाओं को आसान ऋण का प्रलोभन दे रही थी।
कंपनी के कर्मचारी दावा करते थे कि 10 हजार रुपये जमा करने पर 12 घंटे के भीतर दो लाख रुपये का व्यावसायिक ऋण मिल जाएगा। इस झांसे में आकर 22 से अधिक महिलाओं ने कंपनी में अपनी राशि जमा कर दी। जांच में यह भी सामने आया कि इसी तरह 100 से ज्यादा महिलाओं को इस Bihar Fraud News का शिकार बनाया गया था और उनसे लाखों रुपये की अवैध वसूली की गई थी।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पांच आरोपी गिरफ्तार, लाखों बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर गिरोह के सदस्यों की पहचान की। इसके बाद सहरसा और मधेपुरा जिलों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र के चांदपुरा दियारा निवासी संतोष कुमार, मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के रामपुर निवासी रतन कुमार, पूर्णिया के भट्ठा बाजार निवासी सुशांत कुमार, मधेपुरा जिले के भराही थाना क्षेत्र के पररिया निवासी लक्की कुमार और उषा देवी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए आठ मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड, एक स्कैनर, 10 हजार रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले आठ-नौ दिनों से नवगछिया क्षेत्र में सक्रिय थे और महिलाओं को व्यावसायिक ऋण दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूल रहे थे। साइबर थाना नवगछिया में इस संबंध में कांड संख्या 27/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
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एसपी की अपील: निवेश से पहले करें पूरी जांच
पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी के इस नेटवर्क और पीड़ितों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है। एसपी वैभव शर्मा ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी वित्तीय संस्था या ऋण योजना में पैसा निवेश करने से पहले उसकी वैधता और पंजीकरण की पूरी जांच कर लें। उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसी धोखाधड़ी को रोका जा सके और निर्दोष लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सके।
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