Bhagalpur Police News: भागलपुर जिले के सबौर थाना क्षेत्र में डायल-112 सेवा में कार्यरत एक जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे पुलिस महकमे को स्तब्ध कर दिया है। मृतक सिपाही आलोक रंजन मूल रूप से दरभंगा जिले के रहने वाले थे और सबौर में किराए के मकान में रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उनकी अचानक हुई मौत के कारणों का खुलासा अभी नहीं हो पाया है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, आलोक रंजन अपनी ड्यूटी समाप्त कर किराए के कमरे पर लौटे थे। रात का भोजन करने के बाद वे सोने चले गए। सुबह जब उनके सहकर्मियों ने उन्हें ड्यूटी के लिए जगाने का प्रयास किया, तो कमरे के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई बार आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं आया, तो सहकर्मियों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने तुरंत सबौर थाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस महकमे में शोक की लहर
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। आनन-फानन में आलोक रंजन को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मायागंज ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। जवान की असामयिक मौत की खबर सुनते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई। यह घटना सभी के लिए बेहद दुखद और अप्रत्याशित थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नवनीत कुमार और सबौर थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार कमल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मृतक के सहकर्मियों से पूरी जानकारी ली। पुलिस ने मामले के हर पहलू की गहनता से जांच शुरू कर दी है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने मृतक के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी है। उनके परिजन दरभंगा से भागलपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि परिजनों के पहुंचने तक शव को सदर अस्पताल के डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है। उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नवनीत कुमार ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सिपाही रात में खाना खाने के बाद सोए थे और सुबह नहीं जागे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के कारणों को लेकर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
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सहकर्मियों के अनुसार, आलोक रंजन एक बेहद कर्तव्यनिष्ठ, मिलनसार और हंसमुख पुलिसकर्मी थे। वे अपने व्यवहार और कार्यशैली के कारण साथियों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनकी असामयिक मौत से डायल-112 टीम सहित पूरे पुलिस महकमे में गहरा शोक व्याप्त है। पुलिसकर्मियों ने इसे विभाग के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







