Bihar Politics News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विशेष पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के सफल कार्यकाल और कुशल नेतृत्व की जमकर सराहना की है। चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में बिहार का भविष्य पूरी तरह बदल गया है और राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास और जन कल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से बिहार की खोई हुई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए प्रधानमंत्री का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार केंद्र के सहयोग से राज्य ने नई ऊंचाइयों को छुआ है।
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बिहार की गौरवशाली ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का पुनरुत्थान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पत्र में बिहार की ऐतिहासिक ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने चाणक्य के अर्थशास्त्र और आर्यभट्ट के शून्य के आविष्कार का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार सदियों से ज्ञान, शिक्षा और मोक्ष की पवित्र भूमि रही है, जहां नालंदा और विक्रमशिला जैसे वैश्विक शिक्षा केंद्र हुआ करते थे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से ही नालंदा विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना का ऐतिहासिक कार्य संभव हो सका है। वर्ष 2024 में विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन बिहार के गौरवशाली अतीत को वापस लाने वाला एक मील का पत्थर साबित हुआ है, जिससे पूरे राज्य का मान बढ़ा है।
चौधरी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण और जननायक कर्पूरी ठाकुर के महान योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जननायक कर्पूरी ठाकुर को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजे जाने के फैसले ने बिहार का मान बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक निर्णय से समाज के पिछड़े, शोषित और वंचित वर्गों में एक बेहद सकारात्मक और मजबूत संदेश गया है।
विकास योजनाओं से बदली बिहार की तस्वीर: केंद्र का विशेष योगदान
सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास में केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने वर्ष 2015 में घोषित 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये के ‘पीएम पैकेज’ का उल्लेख किया, जिसमें से 54 हजार 7 सौ करोड़ रुपये सड़क और पुलों के निर्माण के लिए दिए गए थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिहार सरकार का बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये है, जिसमें भारत सरकार का बड़ा योगदान होता है, क्योंकि राज्य सरकार अपने संसाधनों से लगभग 75 हजार करोड़ रुपये ही जुटा पाती है।
हाल ही में बिहार को विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण, बिहार में मखाना बोर्ड के गठन और नए एयरपोर्ट के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वर्ष 1934 के भूकंप के बाद से ही मिथिलांचल दो भागों में बंट गया था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कोसी महासेतु का निर्माण कार्य पूरा कराकर फिर से जोड़ा गया है। गंगा नदी पर गांधी सेतु का जीर्णोद्धार, मोकामा में राजेंद्र सेतु के समानांतर नए 6 लेन पुल का निर्माण और मुंगेर में श्रीकृष्ण सेतु का निर्माण भी केंद्र के सहयोग से हुआ है।
इसके साथ ही, गंगा नदी पर पटना में गांधी सेतु के समानांतर नए पुल का निर्माण, जेपी सेतु के समानांतर नए पुल का निर्माण, दीघवारा-शेरपुर में नए पुल का निर्माण और भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के समानांतर नए पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देश के बाद बिहार में पहली बार 5 एक्सप्रेस-वे सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बिहार में कई महत्वपूर्ण ट्रेनों, विशेषकर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत की है, जिससे राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ी है।
पटना मेट्रो का काम तेजी से जारी है, साथ ही इस वर्ष के बजट में पटना होकर जाने वाली हाई स्पीड ट्रेन की घोषणा भी की गई है। पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन के बनने से राज्य के विकास की झलक मिलती है। इसके अतिरिक्त, दरभंगा एवं पूर्णिया में नए एयरपोर्ट का निर्माण कराया गया है तथा बिहटा में निर्माण कार्य जारी है। प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देश पर राज्य के दूसरे एम्स का निर्माण दरभंगा में कराया जा रहा है, साथ ही राज्य में 5 नए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के निर्माण में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है।
बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बागमती-बूढ़ी गंडक रिवर लिंक योजना लगभग पूरी हो गई है तथा कोसी-मेची रिवर लिंक योजना का कार्य कराया जा रहा है। पीएम गतिशक्ति के तहत योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा से योजनाओं के क्रियान्वयन में काफी तेजी आई है। विकास के साथ विरासत एवं संस्कृति के संरक्षण पर भी केंद्र सरकार का मार्गदर्शन मिलता रहा है। राज्य में मां सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम में एक भव्य मंदिर का निर्माण प्रारंभ किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा इस स्थली को भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से रेल सेवा एवं राम जानकी पथ से जोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, नालंदा एवं गयाजी में भी कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है।
प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता के कारण ही महत्वाकांक्षी PM Modi Schemes जैसे आयुष्मान भारत एवं किसान सम्मान निधि योजनाएं शुरू की गईं। आयुष्मान भारत योजना से बिहार में लगभग 5 करोड़ लोग जुड़े हैं, जबकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से कृषि कार्य में लगे लगभग 1 करोड़ परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से राज्य के लगभग 8 करोड़ लोग लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
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हमें पूर्ण विश्वास है कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा और विकसित भारत-समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करेगा। मुख्यमंत्री चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक जनसेवा करने का एक नया कीर्तिमान स्थापित करने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनका मार्गदर्शन एवं सहयोग बिहार को लंबे समय तक मिलता रहेगा।
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