Darbhanga Boat Accident News: बिहार के दरभंगा जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां कोसी नदी में 13 किसानों को ले जा रही एक नाव पलट गई है। इस दर्दनाक हादसे में तीन महिला किसान गहरे पानी में डूबकर लापता हो गई हैं। स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम युद्धस्तर पर उनकी तलाश कर रही है।
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कोसी की तेज धार में बिगड़ा नाव का संतुलन
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना दरभंगा जिले के जमालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत तरवारा घाट के रिंग बांध के पास घटी। जानकारी के अनुसार, कुल तेरह किसान एक ही नाव पर सवार होकर कोसी नदी पार कर रहे थे। वे सभी अपने खेतों में मूंग तोड़ने के लिए जा रहे थे, जब यह हादसा हुआ। नदी की तेज और अप्रत्याशित धाराओं के कारण नाव का संतुलन अचानक बिगड़ गया। देखते ही देखते नाव में पानी भरने लगा और वह पलट गई, जिससे सवार सभी लोग नदी में जा गिरे।
तैरकर बचे कई लोग, तीन महिलाओं का कुछ पता नहीं
नाव पलटने के बाद उसमें सवार कई किसानों ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया और तैरकर किसी तरह सुरक्षित किनारे तक पहुंच गए। हालांकि, इस भयावह मंजर में तीन महिला किसान तेज धारा की चपेट में आ गईं। वे नदी में डूब गईं और उसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चल पाया है। जान बचाकर किनारे पहुंचे किसानों ने बिना देरी किए स्थानीय प्रशासन को इस घटना की सूचना दी, जिसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद नदी किनारे बड़ी संख्या में लोग जुट गए हैं और लापता महिलाओं के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
नदी की तेज धारा में पलटी नाव, ऐसे हुआ हादसा
लोगों ने बताया कि कबौल और तरबारा गांवों के लोग कोसी नदी पार कर रहे थे, तभी नाव तेज धारा में संतुलन खो बैठी और पलट गई। इस हादसे में सभी नौ यात्री नदी में गिर गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और नदी में तैरकर पांच लोगों को बचाने में सफल रहे। बचाए गए यात्रियों को इलाज के लिए किरतपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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बचाव अभियान जारी, दहशत का माहौल
बिरौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रभाकर तिवारी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव व राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) की टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह खबर लिखे जाने तक तलाशी अभियान जारी था। इस घटना से आसपास के गांवों के निवासियों में दहशत फैल गई है, और नदी किनारे बड़ी भीड़ जमा हो गई है।
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सहसा में भी हुआ ऐसा ही हादसा
दरभंगा की यह घटना सहसा जिले में हुए इसी तरह के नाव हादसे के ठीक एक दिन बाद हुई है। मंगलवार सुबह, सरायगढ़ पंचायत के चिकनी गांव के पास कोसी नदी की एक सहायक नदी में लगभग 20 महिलाओं और बच्चों को ले जा रही एक छोटी नाव पलट गई थी। यात्री तटबंध क्षेत्र के अंदर मूंग की फलियां इकट्ठा करने और घास काटने जा रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार, नदी किनारे उतरने की कोशिश करते समय नाव असंतुलित होकर पलट गई। कई लोग गहरे पानी में गिर गए, लेकिन गोताखोरों, स्थानीय निवासियों और एनडीआरएफ कर्मियों ने सभी यात्रियों को सफलतापूर्वक बचा लिया।
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जिन पांच यात्रियों को नदी के गहरे हिस्सों से निकाला गया था, उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें भपटियाही के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। घायलों की पहचान अमेरिका देवी (45), सविता देवी (50), जूही परवीन (10), बीबी सकीना (35) और बीबी नूरजहां (45) के रूप में हुई है। डॉ. शाहनवाज आलम से प्रारंभिक उपचार मिलने के बाद, उन्हें आगे के इलाज के लिए सुपौल सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला मजिस्ट्रेट सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. ने घटनास्थल का दौरा किया और बचाव अभियान की समीक्षा की। अंचल अधिकारी धीरज कुमार ने बताया कि सहसा घटना में शामिल सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
एसडीआरएफ की टीम कर रही लापता महिलाओं की तलाश
इस हादसे की सूचना मिलते ही बिरौल के एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और बचाव कार्य का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक विशेष टीम को लापता महिला किसानों की खोजबीन के लिए लगाया गया है। टीम अत्याधुनिक उपकरणों के साथ कोसी नदी में तलाशी अभियान चला रही है। यह बिहार में किसानों से जुड़ा हादसा है, जिसमें किसानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि लापता महिलाओं की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। एसडीओ शशांक राज ने कहा कि घटना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है और आगे की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर कोसी नदी में नावों की सुरक्षा और नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है।
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इस दुखद घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। लापता महिला किसानों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार प्रशासन से जल्द से जल्द उनकी तलाश पूरी करने की गुहार लगा रहे हैं। उम्मीद है कि एसडीआरएफ की टीम जल्द ही लापता महिलाओं का पता लगाने में सफल होगी और परिजनों को कुछ राहत मिलेगी।







