बिहार सड़क परियोजना न्यूज़: बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने और यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से चल रही विभिन्न बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। पथ निर्माण विभाग के सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता स्वयं मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने की, जहां राज्य के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
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समीक्षा बैठक के दौरान उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार और सीमांचल उपभागों के अंतर्गत जारी सड़क, बाईपास, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने सभी परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति, उन्हें पूरा करने के लिए निर्धारित समयसीमा, निर्माण की गुणवत्ता और सामने आ रही बाधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। मंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को काम में तेजी लाने और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। राज्य सरकार लगातार अपने सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और कनेक्टिविटी सुधारने पर जोर दे रही है, इसी क्रम में यह समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि पटना में आशियाना मोड़ से ईदगाह तक सड़क चौड़ीकरण और निर्माण का कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। विभाग का लक्ष्य है कि इसे जून 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाए। इसी तरह, मीठापुर-अनिसाबाद-खगौल रोड के पास बापू टावर के आसपास सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसकी पूर्णता के लिए अक्टूबर 2026 की समयसीमा तय की गई है।
राजधानी और दक्षिण बिहार की परियोजनाओं में तेज़ी
राजधानी पटना के साथ-साथ दक्षिण बिहार की अन्य प्रमुख परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि भगवत मिलन मंदिर चौराहा से होकर गुजरने वाली सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य 30 जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मानिकपुर-बीथरा-सेनारी सड़क का निर्माण कार्य लगभग समाप्त हो चुका है; यहां केवल साइन बोर्ड लगाने और रोड मार्किंग का काम शेष बचा है।
राजगीर क्षेत्र में भी एक बड़ी सड़क परियोजना पर काम जारी है। राजगीर बाईपास के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग-32 (NH-32) को दो लेन से चार लेन में विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में यातायात की समस्या में काफी सुधार आने की उम्मीद है। इस विस्तार से स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को नई सुविधाएं मिलेंगी और यात्रा का समय भी कम होगा। यह बिहार इंफ्रास्ट्रक्चर न्यूज़ के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है।
उत्तर बिहार और सीमांचल में सड़क का जाल
समीक्षा बैठक में उत्तर बिहार की परियोजनाओं पर भी गहन चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि एकमा-मसरख सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का काम लगातार जारी है, जिसे जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, तेघरा-मुबारकपुर सड़क और पुल परियोजना के तहत 6.70 किलोमीटर लंबी सड़क तथा आरसीसी पुल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। विभाग इस महत्वपूर्ण परियोजना को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने की तैयारी में है, जिससे इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
सीमांचल क्षेत्र की परियोजनाएं भी समीक्षा बैठक का एक प्रमुख हिस्सा थीं। अररिया जिले में लगभग 99.495 किलोमीटर सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढीकरण का काम प्रगति पर है। कटिहार जिले में भी 63.66 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है। कुरूम-गायघट्टा-वाया बलिया बेटौन-सालमार मार्ग पर मिट्टी भराई और जीएसबी (ग्रेनुलर सब-बेस) का अधिकांश काम पूरा हो चुका है, जिससे अगले चरण के निर्माण कार्यों का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना के तहत फतेहपुर से गलगलिया होते हुए पिलटोला तक लगभग 79.5 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस परियोजना को सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने और व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, बांका जिले में अमरपुर बाईपास सड़क का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है, जो स्थानीय यातायात को सुगम बनाएगा।
भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग-80 (NH-80) से जोड़ने के लिए विभाग ने प्रोविजनल वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया है, जिससे इस महत्वपूर्ण लिंक रोड का निर्माण जल्द शुरू हो सकेगा। मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि अधिकांश परियोजनाओं का कार्य संतोषजनक गति से आगे बढ़ रहा है, जो राज्य के विकास के लिए एक शुभ संकेत है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सड़क, पुल और बाईपास का निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही, लोगों की आवाजाही भी आसान होगी और यात्रा का समय भी काफी कम हो जाएगा, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। मंत्री ने सभी निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को निर्माण गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जहां भी काम में देरी या लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदार संवेदकों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इसके अलावा, वन स्वीकृति से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विभागीय एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में टेंडर प्रक्रिया को और अधिक तेज करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर भी विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने सभी प्रमंडलीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी परियोजनाओं को पूरा करें, ताकि राज्य के दूरदराज के इलाकों तक भी बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जा सके और बिहार का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







