Muzaffarpur Drug News: मुजफ्फरपुर जिले में नशीली इंजेक्शन की अवैध तस्करी पर बड़ी कार्रवाई हुई है। मद्य निषेध और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मुजफ्फरपुर पुलिस के साथ मिलकर एक अंतर-जिला तस्कर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और नशीली दवाओं के खिलाफ जारी अभियान को बड़ी सफलता मिली है।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कैसे हुआ नशीली इंजेक्शन तस्करी गिरोह का खुलासा?
मुजफ्फरपुर पुलिस के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन को गुरुवार को अंजाम दिया गया। सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत न्यू फोर लेन स्थित मादापुर चौबे गांव के पास वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक टाटा सूमो विक्टा वाहन को संदेह के आधार पर रोका गया, जिसके बाद गहन तलाशी शुरू की गई।
तलाशी के दौरान, पुलिस को वाहन से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली इंजेक्शन मिलीं। कुल 6,300 पीस प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी बाजार में कीमत लाखों में बताई जा रही है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने चार मोबाइल फोन और ₹57,800 नकद भी जब्त किए। यह बरामदगी अवैध व्यापार में लिप्त गिरोह के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी है।
अंतर-जिला गिरोह के सदस्यों की पहचान और कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान आजाद अंसारी, चुमन राय, मोहम्मद सलीम और सोनू कुमार उर्फ राहुल के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये सभी आरोपी पूर्वी चंपारण जिले के निवासी हैं। यह दर्शाता है कि यह गिरोह अंतर-जिला स्तर पर सक्रिय था और इसका नेटवर्क मुजफ्फरपुर के साथ-साथ पूर्वी चंपारण जैसे अन्य जिलों में भी फैला हुआ था। इस गिरफ्तारी से पूर्वी चंपारण क्राइम न्यूज से जुड़ी जांच में भी अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।इस मामले में सदर थाने में कांड दर्ज किया गया है। पुलिस अब इन आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए आगे की कार्रवाई में जुटी है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने एक प्रेसवार्ता के दौरान इस गिरफ्तारी की जानकारी दी और बिहार पुलिस की सतर्कता की सराहना की।
नशीली दवाओं के खिलाफ पुलिस की सख्ती और अभियान
बिहार में नशीली दवाओं की तस्करी और सेवन एक गंभीर समस्या है, जिस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और मद्य निषेध विभाग लगातार प्रयासरत हैं। इस प्रकार की नशीली इंजेक्शन अक्सर युवा वर्ग को अपना शिकार बनाती हैं, जिससे समाज में अपराध और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं। मुजफ्फरपुर में हुई यह कार्रवाई राज्य भर में नशा मुक्ति अभियान को मजबूती प्रदान करती है।पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं के तस्करों और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ करके समाज को नशे के चंगुल से मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है। यह सफलता बिहार पुलिस की सक्रियता और प्रभावी खुफिया जानकारी के उपयोग का परिणाम है।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंआप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद इस अंतर-जिला गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि आसपास के जिलों में भी नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने में सहायक सिद्ध होगी और कई अन्य तस्करों की पहचान हो सकेगी।







