Bihar E-Challan News: बिहार परिवहन विभाग सितंबर में राज्य के सभी जिलों में ‘वन-टाइम सेटलमेंट’ कैंप आयोजित करने जा रहा है। इन कैंपों के जरिए वाहन मालिकों को लंबित ई-चालान मामलों को निपटाने का मौका मिलेगा, जिसमें उन्हें जुर्माने की राशि पर 50% तक की भारी छूट मिल सकती है। ये कैंप कम से कम तीन दिनों तक चलेंगे और इनका मुख्य ध्यान विभिन्न मोटर वाहन उल्लंघनों के लिए जारी किए गए लंबित ट्रैफिक चालानों के निपटारे पर रहेगा।
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चालान निपटारे के लिए सितंबर में लगेगा विशेष कैंप
यह पहल 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान आयोजित इसी तरह की एक योजना के बाद की जा रही है, जब लगभग 20,000 वाहन मालिकों ने इस सुविधा का लाभ उठाया था। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले अभियान का उद्देश्य बड़ी संख्या में वाहन चालकों तक पहुंचना और भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाना है। इस कदम से लंबित चालान मामलों के बोझ को कम करने में मदद मिलेगी और चालकों को राहत मिलेगी।
सिर्फ जारी करने वाले जिले में होगी सुनवाई
परिवहन विभाग के अनुसार, ई-चालान मामलों की सुनवाई केवल उसी जिले में होगी जहां चालान मूल रूप से जारी किया गया था। निपटारे की तलाश में वाहन मालिकों को संबंधित जिले की लोक अदालत के सामने उपस्थित होना होगा। किसी अन्य जिले में मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा, भले ही वाहन मालिक कहीं और रहता हो। अधिकारियों ने कहा कि सितंबर में लगने वाले कैंपों से पहले जनता को जिले-विशिष्ट सुनवाई प्रक्रिया के बारे में सूचित करने और असुविधा से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
राजस्व संग्रह से जुड़ा है यह बड़ा फैसला
विभाग ने कहा कि सुनवाई को केवल जारी करने वाले जिले तक सीमित रखने का एक मुख्य कारण राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई राजस्व संग्रह प्रणाली है। प्रत्येक जिले को विशिष्ट राजस्व संग्रह लक्ष्य आवंटित किए जाते हैं, और चालान की राशि उस जिले के जिला परिवहन अधिकारी (DTO) के कार्यालय में जमा की जाती है जहां यातायात उल्लंघन हुआ था। अन्य जिलों में निपटारे की अनुमति देने से लेखांकन और राजस्व वितरण प्रक्रिया जटिल हो सकती है।
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लंबित ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए राहत
वन-टाइम सेटलमेंट योजना के तहत, वाहन चालक मूल जुर्माने की राशि का केवल 50% भुगतान करके लंबित ई-चालान को निपटा सकते हैं, बशर्ते लोक अदालत इसे मंजूरी दे दे। इस लाभ में सामान्य यातायात उल्लंघन शामिल होंगे, जैसे बिना हेलमेट के सवारी करना, सीटबेल्ट न पहनना, बिना वैध बीमा के गाड़ी चलाना और यातायात नियमों व अधिसूचनाओं के अन्य उल्लंघन। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य अनुपालन को प्रोत्साहित करना, लंबित चालान मामलों के बैकलॉग को कम करना और यातायात संबंधी दंडों के त्वरित समाधान की सुविधा प्रदान करना है।
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