Bhagalpur Traffic News: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर लगने वाले भीषण जाम से अब लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने पुल की यातायात व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जाम की समस्या को दूर करने और सुरक्षाकर्मियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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जाम से मुक्ति के लिए बड़े बदलाव और निगरानी
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने पुल पर लगे सभी कदम अवरोधकों (ब्रेकर्स) और रंबल स्ट्रिप्स को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। यह कदम वाहनों की गति को बाधित होने से रोकेगा और सुचारु यातायात सुनिश्चित करेगा, जिससे पुल पर अक्सर लगने वाले जाम से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इन ब्रेकरों के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती थी, जिससे पीछे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं।
मोटरसाइकिल चालकों के लिए पुल पर विशेष व्यवस्था की गई है। अब पुल के दोनों ओर डेढ़ मीटर की जगह चिह्नित कर एक अलग पट्टी खींची जाएगी, जिसे विशेष रूप से बाइक सवारों के लिए निर्धारित किया जाएगा। इससे मोटरसाइकिल चालकों का आवागमन निर्बाध रूप से जारी रहेगा और अन्य बड़े वाहनों के साथ टकराव की आशंका भी कम होगी, जिससे यातायात अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनेगा।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई बाइक चालक निर्धारित लेन का उल्लंघन करता है, तो उस पर तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पुल पर जगह-जगह चेतावनी वाले पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे, जिनमें यह स्पष्ट होगा कि पूरा क्षेत्र 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में है। यह कदम नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम लगाने और पुल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
सुरक्षाकर्मियों और पैदल यात्रियों के लिए अहम निर्देश
विक्रमशिला सेतु पर पैदल चलने को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यात्रियों से यह अपील की गई है कि वे पुल पर वाहन से न उतरें और किसी भी स्थिति में पैदल यात्रा न करें, क्योंकि ऐसा करने से न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि वाहनों का परिचालन भी धीमा पड़ जाता है। पैदल यात्रियों के कारण अक्सर जाम की स्थिति और भी विकराल हो जाती थी, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) को क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) तैनात करने का निर्देश दिया गया है। यह क्यूआरटी लगातार मोटरसाइकिल से पूरे विक्रमशिला सेतु की यातायात व्यवस्था की निगरानी करेगी और किसी भी आपात स्थिति या यातायात नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी, ताकि जाम को तुरंत खोला जा सके।
पुल पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। नवगछिया की ओर सुरक्षा एजेंसी के कर्मियों के लिए शेड के विस्तार का निर्देश दिया गया है, ताकि चिलचिलाती धूप, गर्मी या बारिश में उन्हें राहत मिल सके। इससे वे अपनी ड्यूटी अधिक प्रभावी ढंग से और बिना किसी परेशानी के कर सकेंगे, जिससे उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि कर्मचारियों को एक-एक घंटे के अंतराल पर ड्यूटी दी जाए, ताकि वे निर्धारित समय पर शेड में आराम कर सकें और थकान से बच सकें। शेड में पीने के पानी और इलेक्ट्रॉल पाउडर की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि भीषण गर्मी में वे स्वस्थ रह सकें। इसके अतिरिक्त, सुरक्षाकर्मियों के लिए एक मल्टीपल यूरिनल वाला आधुनिक शौचालय भी बनवाया जाएगा, जिससे उनकी मूलभूत जरूरतें पूरी हो सकें।
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गौरतलब है कि शनिवार को विक्रमशिला पुल पर एक बार फिर से भीषण जाम की स्थिति देखने को मिली, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी हुई। सुबह से ही वाहनों के अधिक दबाव के कारण भागलपुर की ओर करीब एक किलोमीटर और नवगछिया की ओर करीब दो-तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई लोगों को घंटों तक धूप में खड़े रहना पड़ा और सार्वजनिक वाहन न मिलने के कारण उन्हें पैदल ही लंबा पुल पार करना पड़ा, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं।
इस गंभीर समस्या से जूझ रहे यात्रियों ने प्रशासन से इस स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। लोगों का सुझाव है कि प्रशासन को नाव सेवा फिर से शुरू करनी चाहिए, जिससे पुल पर वाहनों का दबाव कुछ हद तक कम हो सके और जाम की समस्या से निजात मिल सके। यात्रियों का यह भी कहना था कि टोटो के परिचालन बंद होने से भी उन्हें वाहनों की भारी कमी महसूस हो रही है, जिससे उन्हें पैदल चलना पड़ता है।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी द्वारा दिए गए इन महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्देशों से विक्रमशिला सेतु पर यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद जगी है। इन ठोस कदमों से न केवल जाम की समस्या कम होगी और वाहनों का आवागमन सुचारु होगा, बल्कि पुल का उपयोग करने वाले हजारों यात्रियों और वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों दोनों को बेहतर सुविधा मिलेगी। प्रशासन के इस सक्रिय रुख से क्षेत्र की एक बड़ी समस्या का समाधान होता दिख रहा है।







