Bhagalpur Police News: बिहार के भागलपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ कर्तव्य में घोर लापरवाही और विभिन्न अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बाद एक थानाध्यक्ष समेत नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह सख्त कार्रवाई भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के निर्देश पर 14 जून, 2026 को की गई, जिससे पुलिस महकमे में अचानक हड़कंप मच गया है।
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बाइपास थाना क्षेत्र में अवैध वसूली का मामला
यह पूरा मामला दो मुख्य घटनाओं से जुड़ा है, जिनमें यातायात नियंत्रण के बहाने वाहन चालकों से अवैध वसूली और विक्रमशिला गंगा पुल पर बने बेली ब्रिज से बालू लदे छोटे वाहनों की अवैध आवाजाही शामिल है। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बाइपास थाना क्षेत्र में लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था बनाए रखने की आड़ में वाहन चालकों से मनमानी वसूली कर रहे हैं। इन गंभीर आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए नगर पुलिस अधीक्षक को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा गया था।
जांच प्रतिवेदन में इन शिकायतों की पुष्टि होने के बाद, पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए बाइपास थानाध्यक्ष के साथ चार अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है। उन्होंने चेताया कि यदि इस प्रक्रिया में किसी अन्य पुलिसकर्मी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
बेली ब्रिज पर बालू लदे वाहनों की अवैध आवाजाही पर कार्रवाई
इसके अतिरिक्त, पुलिस प्रशासन ने विक्रमशिला गंगा पुल पर निर्मित बेली ब्रिज से बालू लदे छोटे वाहनों के अवैध आवागमन की शिकायतों को भी बेहद गंभीरता से लिया है। इस ब्रिज पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे इसकी संरचना को नुकसान पहुँचने का खतरा रहता है। अवैध रूप से बालू लादकर गुजरने वाले इन वाहनों से न केवल पुल की सुरक्षा को जोखिम था, बल्कि यह सड़क सुरक्षा नियमों का भी स्पष्ट उल्लंघन था, जिस पर तैनात कर्मियों को ध्यान देना चाहिए था।
प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जब विस्तृत जांच की गई, तो शिकायतें शत प्रतिशत सही पाई गईं। इस मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने और अवैध आवागमन को रोकने में विफल रहने के आरोप में मौके पर तैनात एक पुलिस अवर निरीक्षक, तीन पुलिसकर्मी तथा एक गृहरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यादव ने बताया कि बेली ब्रिज पर सड़क सुरक्षा कार्य में लगे अन्य निजी कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है, जिसके लिए संबंधित विभाग को एक विस्तृत प्रतिवेदन भेजा गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए उस क्षेत्र में चौबीसों घंटे पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह घटना Bihar Corruption News के खिलाफ जारी प्रयासों का एक और उदाहरण है, जहाँ छोटे स्तर पर भी अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य आम जनता को एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल प्रदान करना है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को अपनी ड्यूटी ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाने का सख्त निर्देश दिया। उनका मानना है कि इस तरह की कड़ी कार्रवाई से पुलिस बल में अनुशासन बनाए रखने और जनता का खोया हुआ विश्वास बहाल करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। यह संदेश बिल्कुल साफ है कि कर्तव्य में किसी भी प्रकार की चूक या भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं किया जाएगा, खासकर तब जब यह सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़ा हो। प्रशासन के लिए यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि कानून के रखवाले ही स्वयं कानून का उल्लंघन न करें और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह जवाबदेह हों।
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