Begusarai Flood News: बिहार के बेगूसराय जिले में वर्ष 2026 में संभावित बाढ़ और सूखे की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय आपदा पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री सहित नगर आयुक्त, आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाढ़ और सूखे से प्रभावित होने वाले लोगों को समय पर राहत और सुरक्षा प्रदान करने की तैयारियों का आकलन करना था।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पिछली बाढ़ का अनुभव और मौजूदा सुरक्षा उपाय
समीक्षा बैठक में पिछले वर्ष की बाढ़ की स्थिति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण जिले के आठ अंचल बुरी तरह प्रभावित हुए थे। उस दौरान लगभग 3.46 लाख लोग और 31 हजार से अधिक पशु बाढ़ की चपेट में आ गए थे। प्रशासन ने तब नाव संचालन, सामुदायिक रसोई, स्वास्थ्य शिविर, पशु चिकित्सा शिविर और राहत सामग्री वितरण जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें 89,741 परिवारों के बैंक खातों में 62.81 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि सीधे भेजी गई थी। इस बार प्रशासन ने सुरक्षा और राहत व्यवस्था को और मजबूत करने का दावा किया है।
राहत और बचाव के लिए व्यापक इंतजाम
जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने जानकारी दी कि जिले के सभी 20 तटबंध सुरक्षित हैं और संवेदनशील स्थानों पर अभियंताओं की तैनाती की गई है। कटाव रोकने के लिए चल रहे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका लक्ष्य जून के अंत तक पूरा करना है। आपदा प्रबंधन विभाग के पास जियो बैग, ईसी बैग और वायर क्रेट्स जैसी आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। संभावित बाढ़ की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया के लिए जिला नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है। जिले की सभी 217 पंचायतों में स्थापित स्वचालित वर्षामापी यंत्रों से लगातार निगरानी की जा रही है, खासकर गंगा और बूढ़ी गंडक नदी से जुड़े संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।राहत एवं पुनर्वास व्यवस्था के लिए भी प्रशासन ने विस्तृत योजना तैयार की है। जिले में 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 बाढ़ राहत शिविरों की पहचान की गई है। राहत सामग्री के भंडारण और वितरण की व्यवस्था अनुमंडल स्तर पर सुनिश्चित की गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में हवाई मार्ग से सहायता पहुंचाने के लिए 18 हेलीपैड स्थलों को भी चिह्नित किया गया है। बचाव कार्यों को मजबूत बनाने के लिए 245 नावों (सरकारी और निजी) की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, 92 प्रशिक्षित गोताखोर और 100 खोज एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 60 चिकित्सा टीमों का गठन किया है और सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाएं, सर्पदंश निरोधी दवाएं, ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। पशुपालन विभाग ने भी पशुओं के उपचार, टीकाकरण और चारा उपलब्ध कराने के लिए विशेष योजना बनाई है। पेयजल और बिजली आपूर्ति को लेकर भी प्रशासन सतर्क है, चापाकलों की जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
मंत्री के निर्देश और सुखाड़ से निपटने की योजना
समीक्षा बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव ने अधिकारियों को तटबंधों का लगातार निरीक्षण करने, महाजाल और लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चौबीसों घंटे चिकित्सकों की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया और नाव संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने तथा क्षमता से अधिक लोगों को नाव पर नहीं बैठाने के निर्देश भी दिए। संभावित सूखे की स्थिति पर भी चर्चा हुई, जिसके लिए कृषि विभाग ने आकस्मिक फसल योजना तैयार की है। किसानों के लिए वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है और बंद पड़े सरकारी नलकूपों को चालू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शहरी क्षेत्रों में गर्मी और लू से बचाव के लिए स्थायी और अस्थायी प्याऊ संचालित किए जा रहे हैं, साथ ही रैन बसेरों में शीतल पेयजल और ओआरएस की व्यवस्था की गई है।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।बैठक के अंत में प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







