
Rajgir Mob Lynching: नालंदा जिले के राजगीर में दो युवकों की मॉब लिंचिंग का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। बिहार सरकार के अनुसूचित कल्याण विभाग के मंत्री लखेन्द्र पासवान ने इस घटना के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने परिवारों को 4 लाख 12 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा और दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा भी की है। इस दौरान मंत्री ने राजगीर थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मंत्री के गंभीर आरोप और जांच की मांग
पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे मंत्री लखेन्द्र पासवान ने दावा किया कि प्रथम दृष्टया मिली जानकारी बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार ने दोनों युवकों को पकड़ने के बाद एक साधु के हवाले कर दिया था। इसके बाद उनकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे दोनों की जान चली गई। मंत्री ने मौके पर ही नालंदा के पुलिस अधीक्षक को फोन कर इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने का निर्देश दिया।




मंत्री लखेन्द्र पासवान ने कहा, “राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार ने दोनों युवकों को पकड़ने के बाद उन्हें साधु के हवाले कर दिया। इसके बाद उनकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे दोनों की जान चली गई।”
मंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि जांच में उनके आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पीड़ित परिवारों को मिली सहायता और सरकारी नौकरी का वादा
राजगीर में हुई मॉब लिंचिंग की घटना के बाद सरकार की ओर से यह बड़ी राहत है। मंत्री ने न केवल तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकारी नौकरी का आश्वासन देकर पीड़ित परिवारों को संबल देने का प्रयास किया। यह कदम दर्शाता है कि सरकार इस गंभीर मामले को लेकर कितनी गंभीर है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार सुबह राजगीर स्थित झुनकिया बाबा मंदिर के पास दो युवकों पर चोरी का आरोप लगाकर भीड़ ने उनकी पिटाई कर दी थी। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आया। वीडियो सामने आने के बाद बिहार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक साधु को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है। मंत्री के आरोपों के बाद अब इस राजगीर मॉब लिंचिंग मामले में पुलिस जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अधीक्षक ने मंत्री को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।







