
Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले में एक मदरसे से चार नाबालिग छात्रों को जंजीरों में बंधा हुआ पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। इन मासूमों को न सिर्फ लोहे की जंजीरों से बांधकर रखा गया था, बल्कि उन्हें बेरहमी से पीटा भी जाता था। बच्चों ने आरोप लगाया है कि उनसे शौचालय सहित मदरसे के भवन की भी सफाई करवाई जाती थी। इस खौफनाक खुलासे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मदरसे के मौलवी मोहम्मद कादिर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मदरसे से भागकर पहुंचे बच्चे, ग्रामीणों ने दी सूचना
यह चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब अशोक पेपर मिल (एपीएम) थाना क्षेत्र के बलुआहा गांव के एक मदरसे से चार नाबालिग छात्र मौका पाकर भाग निकले। उनके पैरों में लोहे की जंजीरें और ताले लगे हुए थे। ये बच्चे भागते हुए बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआड़ा गांव पहुंच गए। वहां स्थानीय लोगों ने जब बच्चों की यह दयनीय हालत देखी तो तुरंत बहादुरपुर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बहादुरपुर थाना के दरोगा अबुजर हुसैन अंसारी गांव पहुंचे और चारों बच्चों को अपने कब्जे में लिया। उन्होंने बच्चों के पैरों से ताला और शिक्कर खोलकर उन्हें यातना से मुक्ति दिलाई।




मौलवी मोहम्मद कादिर पर गंभीर आरोप
पुलिस पूछताछ में बच्चों ने मदरसे के मौलवी मोहम्मद कादिर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों ने बताया कि मौलवी उन्हें बुरी तरह से पीटते थे और तरह-तरह की यातनाएं देते थे। उनसे जबरन शौचालय और मदरसे के भवन की सफाई करवाई जाती थी। बच्चों के सिर भी मुंडवा दिए गए थे, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। सभी बच्चों को उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा गया था। ये चारों बच्चे मधुबनी जिला के अररिया संग्राम के रहने वाले हैं।
बाल सुधार गृह में रखा गया मासूमों को
बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को बरामद करने के बाद सिमरी थाना क्षेत्र के भराठी गांव में स्थित बाल सुधार गृह में रखा गया है। दरोगा अबुजर हुसैन अंसारी के आवेदन पर अशोक पेपर मिल थाना में मौलवी मोहम्मद कादिर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी मौलवी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि बच्चों को न्याय मिल सके।







