
Madhubani Court: बिहार के मधुबनी जिले में एक बेटे को अपनी मां की निर्मम हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय ललन कुमार की अदालत ने इस जघन्य अपराध पर कठोर फैसला सुनाते हुए दोषी लालबाबू यादव को उम्रकैद की सजा दी। कोर्ट ने दोषी पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला हरलाखी थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव से जुड़ा है, जहां 18 अगस्त 2024 को लालबाबू यादव ने अपनी मां जिवछी देवी की कुदाल से काटकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया था। शनिवार, 20 जून को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और अपना फैसला सुनाया।




मधुबनी कोर्ट का कड़ा रुख: जघन्य अपराध पर सख्त कार्रवाई
अदालत ने इस मामले में संवेदनशीलता और सख्ती दिखाते हुए यह निर्णय लिया। न्यायाधीश ललन कुमार ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को गंभीरता से परखा, जिसके बाद लालबाबू यादव को हत्या का दोषी पाया गया। इस फैसले से समाज में यह संदेश गया है कि ऐसे जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और न्यायपालिका दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय ललन कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषी पुत्र लालबाबू यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उसपर 22 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है।
मां की हत्या: बेटे के अपराध पर न्याय की मुहर
गोपालपुर गांव में हुई यह घटना पारिवारिक रिश्तों के विघटन का एक दुखद उदाहरण थी। लालबाबू यादव द्वारा अपनी मां की हत्या का मामला लंबे समय से सुर्खियों में था। अब मधुबनी कोर्ट के फैसले से मृतका जिवछी देवी को न्याय मिला है। इस सजा के बाद, समाज में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए एक मजबूत संदेश जाएगा और कानून का राज स्थापित होगा।







