
Bihar Investigation: भोजपुर जिले के बेलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की हाल ही में हुई मौत ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। बिहार विधान परिषद सदस्य पवन सिंह ने इस मामले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों से तत्काल उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पवन सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि भरत भूषण तिवारी समाज के वंचित, गरीब और जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाने वाले एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता थे। उनकी मृत्यु को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच, उन्होंने पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी जांच को आवश्यक बताया है।




ग्राम बेलौटी, जिला भोजपुर (आरा) ग्राम बेलौटी, भोजपुर निवासी स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी जी केवल इतना चाहते थे कि जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान करें तथा गरीब, वंचित एवं बाढ़ पीड़ित परिवारों को उनके अधिकारों से…— Pawan Singh (@PawanSingh909) June 21, 2026
भरत भूषण तिवारी का जनहित को समर्पित जीवन
पवन सिंह ने अपने संदेश में बताया कि भरत भूषण तिवारी ने अपना पूरा जीवन जनहित के मुद्दों के लिए समर्पित कर दिया था। वे लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने आम लोगों की समस्याओं को उठाते रहे। बाढ़ प्रभावित परिवारों, गरीब तबकों और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों की लड़ाई में उनकी भूमिका बेहद सक्रिय रही। यहां तक कि कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने कई सामाजिक सेवा कार्य किए थे। स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान एक जागरूक और संवेदनशील व्यक्ति के रूप में थी।
जांच की मांग और न्याय पर भरोसे का सवाल
विधान परिषद सदस्य पवन सिंह ने कहा कि तिवारी की मृत्यु के बाद कई तरह के सवाल सामने आ रहे हैं। विभिन्न माध्यमों से सामने आ रही सूचनाओं और वीडियो को देखते हुए यह जरूरी हो जाता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। उनका मानना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखना बेहद आवश्यक है। यह तभी संभव है जब हर मामले की जांच पूरी तरह से निष्पक्ष हो।
इस बीच, ‘भरत तिवारी एनकाउंटर पर रोहिणी का हमला… सम्राट सरकार से मांगा जवाब’ जैसे शीर्षक भी सामने आए हैं, जो इस मामले की राजनीतिक संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।
दोषियों पर कार्रवाई और जनता के विश्वास का महत्व
पवन सिंह ने अपने पत्र में जोर देकर कहा है कि कानून का शासन तभी मजबूत माना जाता है जब दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि लोगों को दिखाई भी देना चाहिए। यही कारण है कि इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र और उच्चस्तरीय Bihar Investigation जरूरी है। उन्होंने बिहार सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि मामले की जांच बिना किसी पक्षपात के कराई जाए, ताकि जनता के बीच मौजूद सभी शंकाओं का समाधान हो सके। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं में समय पर तथ्य सामने नहीं आने से लोगों का भरोसा प्रभावित होता है और कई तरह की आशंकाएं जन्म लेती हैं।
पवन सिंह ने भरत भूषण तिवारी के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग को आगे भी मजबूती से उठाएंगे।







