Bihar Budget: बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र इस बार सिर्फ राजनीतिक हंगामे का गवाह नहीं बना, बल्कि 87,383.43 करोड़ रुपये के बड़े वित्तीय ऐलान से इसकी शुरुआत हुई। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया है। उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार विधानसभा में यह अनुपूरक बजट प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि अतिरिक्त राशि का सबसे बड़ा हिस्सा सीधे विकास योजनाओं पर खर्च किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, कुल 57,077.96 करोड़ रुपये वार्षिक योजनाओं के लिए प्रस्तावित हैं। इसमें सेंट्रल स्कीम मद से 39.48 करोड़ रुपये और वेतन-पेंशन पर 32,265 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। सरकार का मानना है कि इस अनुपूरक बजट से राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी और कई महत्वपूर्ण योजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी।






बिहार विधानसभा का हंगामाखेज आगाज: 1 लाख करोड़ का बजट और 13 नए बिल, जानें क्या बदलेगा आपके लिए?
Bihar Assembly: सोमवार को बिहार विधानसभा के पांच दिवसीय मॉनसून सत्र का धमाकेदार आगाज हुआ। सत्र के पहले ही दिन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया गया, जबकि सरकार ने शहरी विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित 13 महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखे। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

हंगामेदार शुरुआत और विपक्ष का विरोध
सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य विपक्षी दलों के विधायकों ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे और लगातार नारेबाजी कर रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप कर सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की, जिसके बाद विधायी कार्यों को आगे बढ़ाया जा सका।
1 लाख करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट
वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने सदन में चालू वित्त वर्ष के लिए 1,02,627 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। सरकार के अनुसार, इस बजट का उद्देश्य जारी योजनाओं और विभिन्न विभागों के अतिरिक्त खर्चों को पूरा करना है। अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, सामाजिक सुरक्षा और अन्य लोक कल्याणकारी योजनाओं को इस अनुपूरक बजट से अतिरिक्त धनराशि मिलने की उम्मीद है। विधानसभा में बजट पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
इन 13 विधेयकों पर होगी बहस
बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सरकार ने कुल 13 विधेयक सदन में पेश किए, जिन पर अब आगे चर्चा होगी। ये विधेयक शहरी शासन, उच्च शिक्षा, कराधान, भूमि प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा और व्यावसायिक विनियमन जैसे अहम क्षेत्रों से संबंधित हैं। पेश किए गए प्रमुख विधेयकों की सूची इस प्रकार है:
- बिहार शहरी विकास विधेयक, 2026
- बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार दुकान एवं प्रतिष्ठान (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियमन) (निरसन) विधेयक, 2026
- भारतीय स्टाम्प (बिहार संशोधन) विधेयक, 2026
- पंजीकरण (बिहार संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026
- बिहार जुआ (निषेध) विधेयक, 2026
- बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार कृषि भूमि (गैर-कृषि प्रयोजनों के लिए रूपांतरण) (निरसन) विधेयक, 2026
- बिहार भूमि उत्परिवर्तन (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार नर्स पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार चीनी उपक्रम (अधिग्रहण) (संशोधन) विधेयक, 2026
इन विधेयकों पर सदन में गहन विचार-विमर्श और चर्चा के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
पांच दिवसीय मॉनसून सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। सरकार इस दौरान महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेगी, जबकि विपक्ष बेरोजगारी, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। अनुपूरक बजट और कई विधायी प्रस्तावों के साथ, सत्र के आगामी दिन राज्य के विकास और नीतिगत फैसलों पर महत्वपूर्ण बहसों के गवाह बनेंगे।
इन क्षेत्रों पर सरकार का विशेष फोकस
बजट की प्राथमिकताओं पर गौर करें तो यह साफ है कि सामाजिक सुरक्षा, सड़क और पुल निर्माण, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, रोजगार सृजन, पटना मेट्रो परियोजना, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, छात्रवृत्ति और बिजली सब्सिडी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस तरह, सरकार ने एक साथ बिहार के समग्र विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है।
विपक्ष के हंगामे के साथ शुरू हुआ सत्र
सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया। एक ओर सरकार ने अनुपूरक बजट, कई महत्वपूर्ण विधेयकों और अपने 100 दिनों की उपलब्धियों को सदन में रखा, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने केंद्र सरकार और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पहले दिन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की बैठक मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
निशांत कुमार ने पहली बार सदन में रखा अपना पक्ष
एमएलसी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विधान परिषद में अपना पहला भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना की।
निशांत कुमार ने कहा, ‘पिछले 20 सालों में हमारी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और हर क्षेत्र में काम किया। सरकार ने दलित, महादलित, पिछड़ा-अतिपिछड़ा, मजदूर, युवा, महिला इन सबके लिए काम किया। हमारा बिहार 20 वर्षों में देश-दुनिया में उदाहरण बना।’
यह भाषण सरकार की पिछली उपलब्धियों को रेखांकित करने और भविष्य की योजनाओं के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस बजट का सीधा असर राज्य की जनता पर दिखेगा।









