Darbhanga Police: दरभंगा में पुलिसिंग को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा जगुनाथ रेड्डी ने आज अपने कार्यालय के सभा कक्ष में एक साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले के सभी थानों के CCTNS प्रभारियों को बुलाया गया था, जहाँ उन्हें CCTNS और अन्य आईटी कार्यों को लेकर कई कड़े निर्देश दिए गए। इन निर्देशों का सीधा उद्देश्य अपराध से संबंधित डेटा को वास्तविक समय में अपडेट करना और पुलिस कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है।
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने सभी CCTNS प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्टेशन डायरी, प्राथमिकी रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेजों की CCTNS में वास्तविक समय में एंट्री सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, ई-साक्ष्य ऐप पर कांड से संबंधित सभी महत्वपूर्ण वीडियो और फोटो को नियमानुसार अपलोड करना अनिवार्य होगा।
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अपराध नियंत्रण में तकनीक का सहारा: क्या हैं नए निर्देश?
पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी निर्देशों में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं, जो अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर जोर देते हैं। अब सभी दर्ज प्राथमिकी और गिरफ्तारी मेमो को 24 घंटे के भीतर SCRB पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस कदम से किसी भी मामले की जानकारी तत्काल केंद्रीय डेटाबेस में उपलब्ध हो सकेगी, जिससे अंतरराज्यीय अपराधों पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी।
- स्टेशन डायरी, प्राथमिकी रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की CCTNS में रियल-टाइम एंट्री।
- ई-साक्ष्य ऐप पर केस से जुड़े वीडियो और फोटो का नियमानुसार अपलोड।
- पुराने कांडों की केस डायरी को वर्षवार CCTNS में अपलोड करना।
- ई-समन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन।
- सभी प्राथमिकी और गिरफ्तारी मेमो को 24 घंटे में SCRB पोर्टल पर अपलोड करना।
- CriMAC के माध्यम से जीरो FIR को दूसरे राज्यों में भेजना।
- आरोप पत्र और अंतिम प्रपत्र को CCTNS में अपलोड करना।
गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश और अंतरराज्यीय समन्वय
बैठक में गुमशुदा व्यक्तियों से संबंधित मामलों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। CriMAC और ICJS जैसे महत्वपूर्ण आईटी प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन लॉगिन और सर्च करने की अनिवार्यता तय की गई है। यह प्रणाली न केवल गुमशुदा लोगों की तलाश में तेजी लाएगी, बल्कि अलग-अलग राज्यों में दर्ज जीरो FIR को भी CriMAC के जरिए संबंधित राज्यों तक पहुंचाने में मदद करेगी। इससे पुलिस विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगा और अपराधियों को ट्रैक करना आसान होगा।

इन सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित होने से दरभंगा पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करके पुलिस अपराधों की जांच, साक्ष्य जुटाने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने में सक्षम होगी, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।















