Bihar Fake Currency: भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय नकली नोटों के रैकेट को बड़ा झटका लगा है। किशनगंज जिले के दो युवकों को नेपाल के झापा में भारतीय 500 रुपये के नकली नोटों की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता बढ़ा दी है कि क्या नेपाल के रास्ते भारत में नकली नोटों का बड़ा कारोबार चल रहा है।
नेपाल पुलिस ने झापा जिले के दमक नगरपालिका स्थित देवकोटा चौक से अब्दुल माजिद (24) और रबेद आलम (26) को दबोचा है। ये दोनों बिहार के किशनगंज के खरियाबारी, फत्तेपुर के निवासी बताए गए हैं। उनके पास से भारतीय 500 रुपये के कुल 70 नकली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी भारतीय मुद्रा में कीमत 35,000 रुपये है। नेपाली मुद्रा में यह राशि करीब 56 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को भारतीय नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा है।
एक ही सीरियल नंबर से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को तब शक हुआ जब बरामद अधिकांश नोटों पर एक ही सीरियल नंबर दोहराया गया था। संदेह गहराने पर इन नोटों को नेपाल राष्ट्र बैंक, विराटनगर भेजा गया। बैंक की जांच में सभी नोट नकली पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
बड़े नेटवर्क की पड़ताल में जुटी नेपाल पुलिस
इस गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक छोटी खेप थी या इसके पीछे नकली भारतीय मुद्रा का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। नेपाल पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि ये नकली नोट कहां से लाए गए, इन्हें नेपाल में क्यों लाया गया और इन्हें आगे किसे सौंपा जाना था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या गिरफ्तार युवक पहले भी ऐसे कारोबार में शामिल रहे हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल विवरणों की भी जांच शुरू कर दी है। मोबाइल से संपर्क में आए लोगों, कॉल डिटेल और अन्य जानकारियों के जरिए इस बड़े गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, ‘दोनों आरोपियों के खिलाफ मुद्रा संबंधी अपराध में जांच चल रही है और अदालत ने उन्हें पांच दिन की हिरासत में रखकर जांच करने की अनुमति दी है।’
भारत-नेपाल सीमा पर नकली नोटों की चुनौती
झापा की सीमा भारत से सटी हुई है और यहां भारतीय रुपये का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में नकली भारतीय मुद्रा की पहचान करना और उसके कारोबार को रोकना नेपाल पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर नेपाल के रास्ते भारत में नकली भारतीय मुद्रा पहुंचाने की आशंका को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर ला दिया है। हालांकि, नेपाल पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि बरामद नोट किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं या नहीं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले पर पैनी नजर रख रही हैं।
जांच के मुख्य सवाल
- नकली नोटों का स्रोत क्या है?
- इन्हें नेपाल कौन लेकर आया?
- भारत में इन्हें किसे पहुंचाया जाना था?
- क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह है?
- गिरफ्तार दोनों युवकों के मोबाइल फोन से इस नेटवर्क के और कौन-कौन से तार सामने आते हैं?







