Rahul Gandhi Delhi Police: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस की महिला कांस्टेबल चंचल यादव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कल शाम अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से प्रभावित प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से कथित मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस की कांस्टेबल चंचल यादव पर देश भर में केस दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
वीडियो में राहुल गांधी ने सभी प्रदर्शनकारियों के अनुभव सुने और अपनी टिप्पणी दी। उन्होंने कहा,
‘आप सभी में से हर एक को पीटा गया ना? तो हमारी सोच क्या है? आपको तो पीट दिया, आपको अपमानित कर दिया, आपको मार दिया। अब मेरी सोच क्या है कि जिन लोगों ने ऐसा किया है, उन पर ऐसा दबाव डालें कि अगला बंदा ऐसा न कर पाए।’
इस मुलाकात के दौरान एनएसयूआई की कार्यकर्ता ऋतु बराला और अथिरा विजयन ने अपनी आपबीती सुनाई। ऋतु बराला ने राहुल गांधी को बताया कि कैसे उन्हें पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया और उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया।
‘चंचल यादव ने हमें बस में तो डिटेन किया। उसके बाद उन्होंने यहां से मेरा गला दबाया। यहां स्क्रैच भी होगा। धक्कामुक्की में मैं फिर नीचे जाकर गिर गई, फिर वह भी आकर मेरे ऊपर गिर गईं। फिर उन्होंने वापस मेरा गला दबाया और मेरे कान को इतनी जोर से जूते से रगड़ा। फिर मेरे ऊपर किक मारी। रुक जाओ, तुम्हारी नीतियां बनाती हूं। और इधर से उन्होंने मेरा कपड़ा पूरा फाड़ दिया। उन्होंने इसे पर्सनल ईगो पर ले लिया कि एकदम डू एंड डाई करना है।’
एनएसयूआई कार्यकर्ता की शिकायत सुनने के बाद राहुल गांधी ने सख्त लहजे में कहा,
‘अब ये जो चंचल यादव हैं, हम इन पर पूरे देश में केस लगा देंगे। आगे-पीछे हर जगह। चंचल यादव का हम अच्छा उदाहरण बनाएंगे। अगर आपको छात्रों को मारना है, तो आपके साथ चंचल यादव जैसा होगा। हर राज्य में आपके खिलाफ FIR होगी। अगली बार लाठी मारने से पहले हर कोई सोचेगा कि मैं चंचल यादव न बन जाऊं।’
कौन हैं चंचल यादव और क्या है पूरा मामला?
चंचल यादव दिल्ली पुलिस में महिला कांस्टेबल हैं। बीते दिनों 13 अक्टूबर को दिल्ली में एनएसयूआई के प्रदर्शन के दौरान उनका नाम चर्चा में आया था। नई दिल्ली इलाके में तैनात चंचल यादव की एनएसयूआई कार्यकर्ता ऋतु बराला के साथ झड़प हो गई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद लोग दो धड़ों में बंट गए थे। कुछ लोग चंचल यादव की कार्रवाई का समर्थन कर रहे थे, तो कुछ इसके खिलाफ थे।
चंचल यादव ने भी रखा था अपना पक्ष
घटना के बाद महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने अपना मेडिकल लीगल केस (MLC) कराया था। उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी थी। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में चंचल यादव ने घटना पर अपना पक्ष रखते हुए कहा था,
‘मुझे मैम ने बुलाया कि कुछ लोग भाग रहे हैं, उन्हें डिटेन करना है। मैं जब बस के अंदर डिटेन करने के लिए गई, तो मैंने बोला कि आप आराम से सीट पर बैठ जाओ, लेकिन वह नहीं बैठीं। वह दोबारा से वैसे ही भागने की कोशिश करने लगीं, तो मैंने उनको दोबारा से बोला कि आप बैठ जाओ, सीट पर। लेकिन वह बैठीं नहीं। उन्होंने मुझे धक्का मार दिया और मैं गिर गई। मैं उठकर उनको फिर से एक बार वार्निंग दी कि मैम, आप इस तरह से न करो। अपनी सीट पर बैठ जाओ, डिटेन ही तो कर रहे हैं, अपना काम ही तो कर रहे हैं। तो उन्होंने मुझसे बदतमीजी करना शुरू कर दिया।’
राहुल गांधी के इस बयान के बाद अब यह देखना अहम होगा कि क्या देशभर में चंचल यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होती है और इस मामले में आगे क्या कानूनी और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आते हैं।






