

दरभंगा, देशज टाइम्स न्यूज। राष्ट्रीय जनता दल के जिलाध्यक्ष राम नरेश यादव छह साल के लिए पद और पार्टी से निष्कासित किए गए हैं। जिला उपाध्यक्ष फुजैल अहमद अंसारी के अनुशंसा पर प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कार्रवाई करते हुए निष्कासन का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा है कि महागठबंधन के उम्मीदवार के खिलाफ दल विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई की गई है।
राजद के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी की नाराजगी दूर करने के लिए पार्टी ने दरभंगा जिलाध्यक्ष को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। विधानसभा चुनाव के बाद राजद जिलाध्यक्ष रामनरेश यादव का कथित ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें सिद्दीकी को हरवाने की बात कही गई थी।
सिद्दीकी इस बार दरभंगा की केवटी सीट से चुनाव लड़े थे, मगर उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। सिद्दीकी अलीनगर सीट छोड़कर केवटी से मैदान में उतरे थे। यूं तो सिद्दीकी को लेकर चुनाव से पहले ही चर्चाओं का बाजार गर्म था। मगर हार के बाद से उनकी चुप्पी को लेकर पाला बदलने की चर्चाएं तेज होने लगी थीं। 
इस बीच दरभंगा जिलाध्यक्ष का एक कथित ऑडियो वायरल हुआ तो सिद्दीकी समर्थकों द्वारा लगाए जा रहे भितरघात के आरोपों को और बल मिला। बावजूद इसके कार्रवाई में देरी होने से नाराजगी और बढ़ रही थी। शनिवार की शाम राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह द्वारा दरभंगा जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई का पत्र जारी किया गया।
रामनरेश यादव को पार्टी और महागठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी की खिलाफत के आरोप में छह साल के लिए पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। खबर है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के दखल के बाद यह कार्रवाई की गई है।
रविवार को इस बात की जानकारी फैलने के साथ जिले की राजनीति गरमा गई है। सभी अपने-अपने तरीके से मामले की समीक्षा कर रहे हैं। कुछ लोग अब इसे स्पष्ट रूप से केवटी में कद्दावर नेता अब्दुलबारी सिद्दीकी की हार से जोड़कर देख रहे हैं। पूछ रहे हैं कि क्या रामनरेश की वजह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा? वायररल ऑडियो की प्रमाणिकता को लेकर भी सवाल पूछे जा रहे हैं।
विधानसभा चुनाव में केवटी विधानसभा से राजद के कद्दावर नेता अब्दुलबारी सिद्दीकी चुनाव लड़ रहे थे। इस चुनाव में उनकाेे हार का सामना करना पड़ा। यहां से भाजपा के डॉ. मुरारी मोहन झा चुनाव जीतकर विस पहुंचे हैं। चुनाव बाद जिलाध्यक्ष का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें उनके द्वारा दल विरोधी बात करने और राजद प्रत्याशी का विरोध किए जाने का मामला सामने आया था। सिद्दीकी चुनाव हार गए थे। इसके बाद से लगातार ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसको लेकर पार्टी नेतृत्व गंभीर हुआ और उपरोक्त कार्रवाई की गई।


You must be logged in to post a comment.