

छपरा। पुलवामा की बरसी पर दिल्ली को दहलाने की साजिश में आतंकी जावेद की संलिप्तता उजागर होने के बाद सारण फिर दूसरी बार मंगलवार को चर्चा में आया है। इस जिले का तार पहले से ही लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा रहा है। जिले के नगरा थाना क्षेत्र के अफौर गांव निवासी बेदार बख्त उर्फ धन्नू राजा को एनआईए ने तीन फरवरी 2017 को गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी गोपालगंज जिले के जादोपुर चौक स्थित उसके मामा के घर से की गई थी।
बेदार बख्त को राष्ट्रीय जांच दल (एनआईए) ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एजेंट के रूप में की थी, जिसको लेकर लंबे समय तक छपरा और गोपालगंज में एनआईए के द्वारा जांच की जाती रही। फिर चार वर्ष के बाद नगरा प्रखंड के सटे मढौरा थाना क्षेत्र के देव बहुआरा गांव के जावेद की गिरफ्तारी से एक बार फिर जिले के लोग आश्चर्यचकित है। सवाल है कि आखिर सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही है और बिहार पुलिस को इसकी अब तक जानकारी क्यों नहीं हुई? इस मामले में बिहार पुलिस की नाकामी उजागर हुई है। दरअसल जावेद के द्वारा हथियार की सप्लाई आतंकी संगठन को किए जाने की बात सामने आई है।जावेद से जुड़े कई व्यक्तियों को सुरक्षा एजेंसियों ने निशाने पर लिया। जावेद की गिरफ्तारी के बाद जिले के कई स्थानों पर पुलिस के द्वारा छापेमारी की जा रही है। जावेद से जुड़े वैसे कई लोगों की तलाश सुरक्षा एजेंसियां तथा पुलिस कर रही है, जिनके द्वारा जावेद को पिस्टल की सप्लाई की जाती थी।गिरफ्तार जावेद देव बहुआरा गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक महफूज अंसारी के पुत्र है। मजे की बात यह है कि बेदार भी शिक्षक का ही पुत्र था और वह एक छात्र संगठन का नेता भी था।
छपरा जंक्शन पर पकड़े गये थे तीन संदिग्ध
पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंक्शन पर राजकीय रेलवे पुलिस ने तीन संदिग्धों को पवन एक्सप्रेस ट्रेन से 25 अक्तूबर 2020 को गिरफ्तार किया था, जो हथियार की तस्करी में संलिप्त थे और छपरा से ही हथियार खरीदने के लिए पहुंचे थे। गिरफ्तार कर जेल भेजे गए तीनों संदिग्ध केरल राज्य के कालाकट जिले के ओपटलाम थाना क्षेत्र के ओपटलाम पालाकट रेलवे स्टेशन के समीप पलकवारा पीला हाउस निवासी अब्बू सलीम, साहुल तथा अबू ताहिर के रुप में हुई थी।तीनों की उम्र 30 से 35 वर्ष के थे। ऐसी आशंका है कि सारण जिले से विभिन्न राज्यों में आतंकी संगठनों तथा आपराधिक गिरोहों को हथियार की आपूर्ति की जाती है। हालांकि गिरफ्तार किए गए तीनों संदिग्धों के निशानदेही पर कई स्थानों पर राजकीय रेलवे पुलिस ने छापेमारी की, परंतु कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद दिल्ली को दहलाने की कोशिश कर रहा है। जम्मू कश्मीर के डीजीपी ने यह भी कहा कि कश्मीर में सक्रिय आतंकी अब दिल्ली दहलाने के लिए छोटे हथियारों को बिहार के छपरा से मंगा रहे हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि आतंकियों द्वारा अब तक सात पिस्टल बिहार के छपरा से मंगाए जा चुके हैं। इसके लिए आतंकी पंजाब में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई जांच में यह खुलासा हो चुका है कि बिहार आतंकियों के लिए सेफ जोन बन चुका है।

