back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 27, 2026
spot_img

आरक्षण अंबेडकर की सोच नहीं, ब्राह्मण परिवार के लोगों की देन

spot_img
- Advertisement -

आरक्षण अंबेडकर की सोच नहीं, ब्राह्मण परिवार के लोगों की देन

- Advertisement -

कमतौल, देशज टाइम्स ब्यूरो। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, मदन मोहन मालवीय व पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन के मौके पर मंगलवार को कमतौल महाविद्यालय के प्रांगण में ब्राह्मण सभा की बैठक हुई। इसका उद्घाटन डॉ. बीबी शाही, मायाधीश राय, विंदेश्वर चौधरी, अशोक झा, प्रभाकर झा, संजीत ठाकुर, मिथिलेश कुमार, नमो नारायण झा व वीणा कुमारी मिश्रा ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित व तीनों महापुरुषों के तैलीय चित्र पर माल्यार्पित कर किया गया। मौके पर जिला के चर्चित चिकित्सक डॉ. बीबी शाही की अध्यक्षता व कुलभूषण प्रसाद के संचालन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिथिलेश कुमार सिंह ने आरक्षण पर पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आरक्षण बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की सोच से नहीं, बल्कि ब्राह्मण परिवार के लोगों की देन है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों की चिंता सिर्फ राष्ट्र की होती है।

- Advertisement -

आरक्षण अंबेडकर की सोच नहीं, ब्राह्मण परिवार के लोगों की देन

- Advertisement -

उन्होंने कहा कि आजादी के समय देश के पढ़े-लिखे सम्पन्न ब्राह्मणों को लगा कि कुछ विशेष जाति के लोगों को आरक्षण चाहिए। उस समय इसकी आवश्यकता भी थी, लेकिन देश के आजादी के इतने वर्षों बाद आरक्षण का कोई औचित्य नहीं रह गया।अब कई वर्गों के लोग ब्राह्मणों से भी अधिक सम्पन्न हो गए लेकिन सरकार ब्राह्मण समाज के कंधे पर बंदूक रख कर चलाना चाह रही है, जो अब संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अब आने वाला समय ही बताएगा कि आरक्षण देश के लिए कितना जरूरी है। सभा को संबोधित करते हुए मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि साथियों जो देश की स्थिति है उसमें ब्राह्मण ठगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है, उसे हूबहू लागू करो, यह भारत की आवाज है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यवस्था राष्ट्र हित में नहीं है। उन्होंने देश की व्यवस्था में परिवर्तन करने की आवश्यकता पर बल देते हुए जाति व्यवस्था को समाप्त कर देश के नव निर्माण में लगने का आग्रह किया। सभा को संबोधित करते हुए मायाधीश राय ने कहा कि ब्राह्मणों का मुख्य काम त्याग करना है।

आरक्षण अंबेडकर की सोच नहीं, ब्राह्मण परिवार के लोगों की देनउन्होंने कहा कि मदन मोहन मालवीय पचास रुपए की नौकरी शुरू किए, जिसमें पचीस रुपए जनकल्याण में देते थे। उन्होंने कहा जब इनकी तनखाह दो सौ रुपए हुई तो ये अपना खर्च सिर्फ पचास रुपए में चलाते थे व शेष 150 रुपए जनकल्याण व गरीब वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए खर्च करते थे। उन्होंने उपस्थित लोगों से संकल्प लेने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि संकल्प के बल पर ही कोई बड़े-बड़े कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना संकल्प के बल पर ही इन्होंने स्थापित किया। मौके पर डॉ. बीबी शाही ने पुरानी संस्कृति को जीवित रखने का आग्रह करते हुए कहा कि जब हमारी संस्कृति जीवित नहीं रहेगी, तो हमलोगों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा चाणक्य ने अपने दृढ़ शक्ति के बल पर ही चंद्र गुप्त मौर्य को राजा बना डाला। इस अवसर पर बिहार राज्य के अलग अलग जिला से आए हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया।

 

 

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

IPL 2026: अश्विन का नया अवतार और ओपनिंग सेरेमनी पर लगा ग्रहण, जानें पूरी खबर

IPL 2026: भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े त्योहार इंडियन प्रीमियर लीग के 2026 सीज़न...

इस मार्च Renault Cars पर पाएं ₹80,000 तक की धमाकेदार छूट!

Renault Cars: अगर आप इस मार्च में एक नई कार खरीदने की योजना बना...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें