

जाले। प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समक्ष भाकपा माले ने धरना- प्रदर्शन करते हुए प्रखंड कमेटी सदस्य सुशील मिश्रा की अध्यक्षता में धरना सभा आयोजित किया।
इनकी मांगो के समर्थन में सैकड़ो माले कार्यकर्ता प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समक्ष मौजूद थे। इनकी प्रमुख मांगों में, लॉकडाउन अप्रैल-मई महीनों में जांच व उचित इलाज के अभाव में कोविड 19 के लक्षण से सैकड़ों लोगों की जान गई है।
राज्य सरकार हर मौत को गिने और सभी मृतक के परिजनों को चार लाख मुआवजा देने की गारंटी करें। लॉकडाउन के दरम्यान काम का भारी अभाव रहा है, इसलिए मांग करते हैं कि सभी राशन कार्डधारियों को 10 किलो अनाज,के साथ अन्य भोज्य सामग्री दी जाए।
अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज के नाम पर भारी दोहन जारी है। लंबित सभी दाखिल खारिज के मामले को अभिलम्ब खत्म किया जाए।पुराने जमा बन्दी के साथ छेड़छाड़ करने की जांच किया जाए। जाले हाट से जाले थाना मोड़ तक जाने वाली सड़क पर पानी बहाव के वजह से सड़क क्षतिग्रस्त हो गया है। इस सड़क को अविलम्ब मरम्मत करया जाय।
बसंत पंचायत के सुमन चौक, जाले दक्षिणी के वायखाप समेत अन्य पंचायतों मे वर्षो से लगे जलजमाव से अविलम्ब मुक्त कर घनी आबादी को महामारी से बचाया जाए।
जाले पूर्वी के समधिनियाँ मध्यविद्यालय को जलजमाव से मुक्त कर शैक्षणिक महौल को स्थापित किया जाय। जाले रामबाग से चन्द्रदीपा जाने वाली सड़क जिसका निविदा 6 साल पूर्व हुवा था लेकिन पत्थर डाल ठीकेदार फरार है उसपर कानूनी कार्रवाई किया जाए। कोरोना काल से बन्द पड़े बुनियादी केन्द्रों को अविलम्ब चालू कर विकलांगता प्रमाण-पत्र निर्गत करने की गारंटी किया जाए।
धरनार्थियों को संबोधित करने वालो में प्रखंड कमिटी सदस्य सुशील मिश्रा देवेन्द्र कुमार ने कहा कि सरकार कोरोना को लेकर गंभीर नही है। बाढ़ से उतपन्न स्थिति में जो लोग घर छोड़कर दूसरे जगह शरण लिए हुए है उन्हें काफी कठिनाई हो रही है।
इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नियाज अहमद सिद्दीकी ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार भूमि विवाद को हल करने के लिए स्थानीय स्तर पर सीओ व थाना को जिम्मेवार बनाया है लेकिन जाले सीओ भूमाफिया व दलाल के चक्कर मे परकर कई सालों से भूमि विवाद का निपटारा नही कर सके है। प्रखंड सचिव ललन पासवान ने कहा कि जाले प्रखंड क्षेत्र के कई गांव मे वर्षों से जलजमाव होता है और प्रत्येक साल ग्रामीण आंदोलन करते है लेकिन सरकार व प्रशासन इस समस्या पर अभी तक गंभीर नही है।

भाकपा (माले) इस मुद्दे पर आगे भी सरकार व प्रशासन को घेंरने का काम करेगी। सभा को नरेश चौधरी, गोखुल बैठा, मांझी यादव, मो सरफराज अंसारी, राजू पासवान, मो. जहांगीर, भाकपा नेता लोहा सिंह, राजु यादव, रूपेश मंडल, उदय यादव, बलदेव बैठा मो शहजाद तमन्ने, शिवचन्द्र बैठा ने सम्बोधित किया।
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