

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश एवं वाल्मीकिनगर बराज से गुरुवार को नेपाल की ओर से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से सारण तटबंध के निचले इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त सूचना के अनुसार नेपाल द्वारा गुरुवार को वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में चार लाख चार हजार क्युसेक पानी छोड़ा गया है।
इसके शनिवार की दोपहर तक पानापुर की सीमा में प्रवेश करने की संभावना है .जून माह से ही गंडक नदी के जलस्तर में हो रहे उतार चढ़ाव से सारण तटबंध के निचले इलाकों में बसे पृथ्वीपुर, सलेमपुर ,सोनवर्षा, बसहिया ,रामपुररुद्र 161 गांवो के सैकड़ो परिवार तीन बार बाढ़ की विभीषिका झेल चुके हैं।
नदी के जलस्तर में ही रही वृद्धि से इन गांवों के लोगो पर चौथी बार विस्थापित होने का खतरा मंडराने लगा है।प्रशासन ने माइकिंग के जरिये लोगो को किया सचेत।
संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए सीओ रणधीर प्रसाद ने सारण तटबंध का निरीक्षण किया एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के पदाधिकारियों से हालात की जानकारी ली।
इस बीच प्रशासन ने शुक्रवार को माइकिंग के जरिए सारण तटबंध के निचले इलाकों में बसे लोगो को आगाह किया कि वे सभी सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर शरण ले लें।
इस बीच जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि नेपाल द्वारा छोड़ा गया पानी शनिवार की दोपहर बाद पानापुर की सीमा में प्रवेश करेगा .लोगो को धैर्य बनाये रखने की जरूरत है।फिलहाल सारण तटबंध को कोई खतरा नही है।



