बिहार में सरकार लगातार शराबबंदी को लेकर सख्ती बरत रही है। लेकिन अब बिहार में शराब पीने वालों को नौकरी भी नहीं मिलेगी. सरकार अब इसे लेकर प्राइवेट सेक्टर में भी शिकंजा कसने वाली है। सरकार की सख्ती के बाद आदेश जारी कर अफसरों को जवाबदेह बनाया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने प्राइवेट सेक्टर और कई होटलों से जुड़े लोगों के साथ मीटिंग कर शराबबंदी पर रणनीति बनाई। वहीं इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने कहा था कि शराब की सूचना मिलने पर पुलिस कहीं भी छापेमारी कर सकती है।

पटना के कमिश्नर संजय अग्रवाल और आईजी संजय सिंह ने शराबबंदी का सख्ती से पालन कराने के लिए सभी जिलों के डीएम, एसपी और उच्चाधिकारियों के साथ होटल, रेस्टोरेंट, लॉज संचालक के साथ बैठक की। मीटिंग में साफ तौर पर कहा गया है कि जिनकी शराब पीने की हिस्ट्री हो उन्हें नौकरी पर न रखा जाए।
शराब मुक्त बिहार अभियान को और सख्ती से लागू कराने के लिए राज्य सरकार नियम सख्त कर रही है। अब शराब पीने वालों को प्राइवेट सेक्टर में भी नौकरी नहीं मिलेगी। सरकार की सख्ती के बाद आदेश जारी कर अफसरों को जवाबदेह बनाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पटना में अधिकारियों ने होटल से लेकर प्राइवेट सेक्टर से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर शराब को लेकर रणनीति बनाई है।
अधिकारियों ने बताया कि शराब की हिस्ट्री वालों को नौकरी नहीं दी जाएगी। कर्मचारियों से शपथ लेने को कहा जा रहा है ताकि कोई शराब नहीं पीये। अफसरों को जवाबदेह बनाया जा रहा है ताकि प्राइवेट सेक्टर में भी शराब को लेकर सख्ती बरती जा सके। इसके लिए भविष्य में और सख्ती की तैयारी चल रही है। बिहार के सभी 38 जिलों में शराब को लेकर अलग-अलग रणनीति तय की जा रही है।
पटना के प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल और आईजी संजय सिंह ने शराबबंदी नियम का सख्ती से अनुपालन कराने के साथ मॉनिटरिंग के लिए सभी जिलों के डीएम, एसपी और अन्य उच्चाधिकारियों के साथ होटल, रेस्टोरेंट, लॉज संचालक के साथ बैठक की है। बैठक में साफ कहा गया है कि ऐसे लोगों को नौकरी पर नहीं रखा जाए जिसकी शराब पीने ही हिस्ट्री रही हो।
होटल, बैंक्वेट हॉल के मालिक को सीसीटीवी लगाना अनिवार्य किया गया है। सीसीटीवी का लोकेशन बैंक्विट हॉल एवं परिसर में रखना होगा, जिससे शादी में शामिल लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। एसडीओ और एसडीपीओ अपने-अपने अनुमंडलीय क्षेत्र के होटल एवं बैंक्वेट हॉल की गतिविधियों विशेष नजर रखेंगे। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक को एक साथ गश्त करने के साथ मॉनिटरिंग का निर्देश दिया गया है। वहीं, शराब के धंधों से जुड़े लोगों और धंधेबाजों के विरुद्ध छापेमारी अभियान तेज करने का निर्देश दिया गया है।
शराब पीने वालों को नौकरी नहीं
अधिकारियों ने कहा कि शराब के खिलाफ कर्मचारियों को शपथ लेनी होगी. शराब पीने वालों को नौकरी नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही अफसरों को जवाबदेह बनाया जाएगा ताकि प्राइवेट सेक्टर में भी इसे लेकर सख्ती बरती जाए. भविष्य में और सख्ती की जाएगी।
लालू यादव ने शराबबंदी खत्म करने की मांग की
RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार में शराबबंदी को खत्म करने की मांग की है। शराबबंदी को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए लालू प्रसाद यादव ने कहा बिहार के चारों तरफ बंगाल, उत्तरप्रदेश, झारखंड एवं नेपाल में खुले आम शराब की बिक्री हो रही है। ऐसे में बिहार में शराब की तस्करी को रोक पाना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि बिहार में शराब की तस्करी लगातार हो रही है. शराबबंदी पूरी तरह राज्य में फेल हो चुकी है. लोग हर रोज जहरीली शराब पीने से मर रही है. इसके साथ ही बिहार सरकार को राजस्व का भी घाटा हो रहा है. लेकिन मुख्यमंत्री अपनी जिद पर अड़े हुए हैं.

