

जाले प्रखंड के ढरिया गांव के किसान धीरेंद्र कुमार सिंह ने काला गेहूं की खेती के बाद,अब नीले गेहूं की आधार खेती शुरू किया है। नए-नए उत्पाद व नई तकनीक से खेती करने को लेकर किसान धीरेंद्र को डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा की ओर से अभिनव किसान पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है।
किसान धीरेंद्र कुमार सिंह ने अपनी खेत में नीले गेंहू की बुआई के संदर्भ में देशज टाइम्स से खास बातचीत करते बताया कि वह एक कट्ठा में इस नीले गेहूं के आधार बीज को मंगवाकर रविवार को बुआई किए हैं।
इस नीले गेंहू का बीज गाया के किसान आशिष कुमार सिंह से 400 रूपए प्रतिकिलो के दर से अथक प्रयास के बाद पर दो किलो डाक से भेजी गई है। एक कट्ठा खेत में कुल नौ सौ रुपए का बीज खर्च आया।
इस गेंहू के लगाने एवम खाने क्या फायदा होगा इस पर उन्होंने बताया की इस गेहूं में तीन गुणा अधिक फोलिक एसिड पाया जाता है,। अन्य सामान्य गेंहू गेंहू की तुलना में लगभग 267 प्रतिशत अधिक खनीज और 40 प्रतिशत अधिक प्रोटीन मिलता है।
इसमें ग्लुकोनेट और ग्लाइसीमिक तत्व कम होने के कारण डायबिटीज और ह्रदय रोग पीडितों के लिए यह अत्यंत लाभकारी है। इसके अलावा जिंक आयरन की मात्रा सामान्य गेंहू के मुकाबले इसमें अधिक है।
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