back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 12, 2026
spot_img

Save Darbhanga: दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन…! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष…?

spot_img
- Advertisement - Advertisement
दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन...! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष...?
दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन…! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष…?

कोसी, कमला नदी और कमला धार में विष डालकर मछ्ली को बाड़-घेरा में फंसाकर मारने और उसे बेचकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने पर कतई कोई लगाम नहीं है।

- Advertisement -

 

- Advertisement -
दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन...! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष...?
दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन…! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष…?

लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई नहीं हो रही। इसको लेकर तालाब बचाओ अभियान ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, वन एवं पर्यावरण विभाग, प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, डायरेक्टर, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, डीएम और एसपी, दरभंगा को इमेल से अनुरोध किया है।

- Advertisement -

बहते पानी में जीवन को नष्ट करने वाला विष

इस संबंध में किरतपुर प्रखंड में कोसी नदी के बहते हुए पानी में लगाए गए दो स्थानों के बाड़-घेरा, घनश्यामपुर और मधेपुर प्रखंड के बीच कमला नदी के बहते पानी में लगाए गए तीन बाड़-घेरा का हवाल देते अनुरोध किया गया है।

दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन...! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष...?
दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन…! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष…?

उत्तर बिहार में मछलियों की प्रजाति की विविधता की ओर ध्यानाकर्षित करने के लिए पूर्णियारिपोर्ट, 1807का हवाल देकर कहा गया कि सर्वेयर जनरल फ्रांसिस बुकानन ने कोसी के नाथपुर घाटपर 127 प्रकार के मछलियों कोदेखा था, जिसका नाम एवं विवरण 1877 ई में प्रकाशित विलिअम हंटर के स्टैटिस्टिकल अकाउंट ऑफ़ बंगाल,वॉल्यूम 20में दर्ज है।

इस संबंध में दी इंडियन फिशरीज एक्ट, 1897, बायोलॉजिकल डाइवर्सिटी एक्ट- 2002 और बायोलॉजिकल डाइवर्सिटी रूल्स- 2004, नेशनल फिशरीज पालिसी- 2020, नेशनल प्लान फॉर कंजर्वेशन ऑफ़ एक्वेटिक इकोसिस्टम- 2019 के सन्दर्भ में मछलियों के प्रजाति एवं अन्य जलीय जीवों को लुप्त होने से बचाने के लिए निम्नलिखित अनुरोध किया गया:

दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन...! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष...?
दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन…! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष…?

1) कोसी, कमला एवं अन्य नदियों एवं इनसे निकलने वाले धार में बाड़/घेरा लगाने और विष डालकर मछली मारने वालों पर सख्ती से अविलम्ब कारवाई हो। पूरे उत्तरी बिहार में नदियों और नदियों के धार/फोरी/बाहामें आदि में बाड़ लगाने एवं विष डालकर मछलियों मारने की घटना अब आम बात हो गई है।

2) किसी भी तरह के जलाशय में विष डालकर मछली का शिकार करने वालों पर कठोर दंडात्मक कारवाईकरने के लिए क़ानून बने या पुराने क़ानून की समीक्षा हो ताकि आज के जरुरत के अनुसार प्रभावशाली कारवाई किया जा सके।

दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन...! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष...?
दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन…! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष…?

3) सभी थाना को विशेष अधिकारऔर निर्देश दिया जाए की वह अपने-अपने क्षेत्र में बहते हुए पानी में बाड़ी/घेरा लगाने वालों और विष डालने वालो पर त्वरित कठोर कारवाई कर सके।

4) सरकारी और निजी तालाब में भी मछली मारने के लिए विष का उपयोग न हो, साथ ही जलीय विविधता को बचाने के लिए निजी मालिकों एवं मछुआरा समितियों को विशेष निर्देश और जिम्मेदारी दिया जाए।

5) मच्छरदानी-आकार के छेद वाला जाल का उपयोग सख्ती से बंद हो क्योंकि यह जाल अंडा से निकलने वाली छोटी-सी-छोटी मछलियों को भी पानी से छान लेती है जिससे मछलियों की विविधता जलाशयों से समाप्त हो रही है।

दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन...! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष...?
दरभंगा तालाब बचाओ अभियान के संयोजक Narayan Jee Chowdhary का मर्म सुनेगा कौन…! कोसी-कमला-कमला धार में ये विष…?

6) बिहार मत्स्य जलकर प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2018 में संशोधन कर घेरा लगाने के प्रतिबंधित अवधि को 15 अगस्त से बढ़ाकर 15 अक्टूबर किया जाए ताकि नदी और धार से जलीय जीवोंऔर मछलियों का फैलाव और पहुँच चौर एवं तालाबों तक हो सके।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Romantic Web Series: इस वैलेंटाइन अपने पार्टनर संग देखें ये 5 धांसू लव स्टोरीज, बढ़ जाएगा रोमांस!

Romantic Web Series News: प्यार और मोहब्बत का महीना आ गया है, और साथ...

BYD Atto 3 Evo: इलेक्ट्रिक एसयूवी का नया अवतार, जानें कीमत और खासियतें

BYD Atto 3 Evo: भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में धूम मचाने वाली BYD...

BHEL: सरकार का बड़ा Offer For Sale, निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

Offer For Sale: BHEL के शेयरों में अचानक आई हलचल ने निवेशकों के बीच...

iPhone 17e: एप्पल का नया बजट किंग, जानें क्या होगा खास!

iPhone 17e: Apple एक बार फिर स्मार्टफोन बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें