

बेनीपुर। गंगा में हो रही अवैध खनन के विरोध में विगत 23 दिनों से अनशन पर बैठे जगजीतपुर कनखल हरिद्वार स्थित मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद के समर्थन में क्षेत्र के नवादा गांव स्थित आंनद आश्रम में आकाशवाणी से अवकाश प्राप्त पदाधिकारी सुरेंद्र झा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उनके समर्थन में बेनीपुर में भी आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के माता गंगा के प्रति रवैया की भर्त्सना की गई। साथ ही राष्ट्रीय हरित अभिकरण, केन्द्रीय प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड एवं एन एम सी जी जैसी संस्थाओं के औचित्य पर भी सदस्यों ने प्रशन उठाये।
जो अपने उद्श्यो की प्राप्ति में सर्वथा विफल रही है ।इस दौरान मिथिलात्मक अध्यात्म मंच के सचिव रमानंद झा ने कहा कि उत्तराखंड की सरकार स्टोन माफियाओं के हाथों बिक गयी है।और गंगा को स्वच्छ करने में लगी केन्द्रीय एजेंसियां को गंगा माता से कोई मतलब नहीं है। सबसे अधिक हैरान करने वाली बात तो यह है कि मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद जो पिछले 23 दिनों से गंगा जी में पत्थर खुदाई बंद करवाने की मांग को लेकर तपस्यारत हैं।
लेकिन हरिद्वार के स्थानीय प्रशासन उनकी खोज खबर तक भी लेने नहीं आया ।ऐसा लगता है कि गंगा माता के व्यवसायिक दोहन को वेलगाम छोड़ दिया गया है और न्यायालय के निर्देशों का भी नजर अंदाज किया जा रहा है। बैठक में सदस्यों ने सर्वसम्मति से उत्तराखंड की धामी सरकार से मांग की स्वामी शिवानंद की सभी मांगे मान ली जाए ताकि इस 72 वर्षीय संत जो पिछले 23 वर्षों से गंगा माता की स्टोन माफिया से मुक्ति के लिए आंदोलनरत हैं, की प्राण रक्षा हो सके।
साथ ही, गंगा माता की तलहटी में अनवरत जारी पत्थर खुदाई तत्काल बंद हो, और गंगा के दोनों तरफ पांच किलोमीटर तक के क्षेत्र में कोई भी व्यवसायिक गतिविधि न हो।
इस दौरान लोगों ने एक स्वर से कहा कि अगर उत्तराखंड की सरकार अविलंब उक्त मांगे नहीं मानलेती तो मिथिलात्मक अध्यात्म मंच गंगा जी के वहाव क्षेत्र के सभी राज्यों में व्यापक आंदोलन चलाएगा। बैठक में उक्तमंच के सचिव रमानंद झा ने अगली बैठक दरभंगा में आयोजित करने की बात कही। बैठक में सुरेंद्र झा, नारायण जी झा, हनुमान चौधरी, बच्चानंद झा, संजय झा, कौशलेंद्र झा सहित आदि लोग मौजूद थे।

