

दरभंगा। जिला सत्र न्यायाधीश-सह-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा जावेद आलम की अध्यक्षता में सभी अंचलाधिकारी के साथ बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में उन्होंने लोक अदालत की महत्ता से अवगत कराते हुए कहा कि शमनीय वादों का लोक अदालत के माध्यम से आसानी से और कम समय में निष्पादन हो जाता है, जिससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के कमजोर तबके के लोगों को काफी राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि ग्राम कचहरी के सभी मामले शमनीय होते हैं इसलिए ग्राम कचहरी की संरचना को मजबूत बनाने की जरूरत (There is a need to strengthen the structure of the village court) है।
उन्होंने कहा कि विधि व्यवस्था को संधारित रखने के लिए भी अधिक से अधिक वाद का निष्पादन होना आवश्यक है। इससे समाज में समरसता एवं भाईचारा कायम होती है। लोक अदालत में अति कम समय में सुलहनीय वादों का निष्पादन हो जाता है। इसलिए लोक अदालत का महत्व बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि 12 मार्च के लोक अदालत में अधिक से अधिक लोग भाग ले इसके लिए ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक करना होगा । लोक अदालत में मामले कैसे निबंधित करावें, कहां जाए, किनसें संपर्क करें यह लोगों की जानकारी में होनी चाहिए। राजस्व से संबंधित कई मामले का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जाता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मुकदमों की सुनवाई की जाती है, जिनमें विभिन्न मुकदमा पूर्व एवं लंबित वाद यथा – शमनीय (कम्पाउंडेबल) आपराधिक वाद, एनआई एक्ट धारा 138 वाद, बैंक ऋण वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, श्रम विवाद, विद्युत तथा पानी बिल संबंधी विवाद, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण वाद, सेवा संबंधी (वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ), राजस्व मामले (जिला न्यायालय में लंबित) एवं अन्य दीवानी मामले यथा (किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा वाद, संविदा के विनिर्दिष्ट पालन हेतु वाद), बीएसएनएल इत्यादि से संबंधित वाद का निष्पादन आपसी सुलह के आधार पर तत्काल किया जाएगा।
बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज, प्रोविजनल पदाधिकारी अमित कुमार, प्रशिक्षु प्रोविजनल पदाधिकारी रितेश कुमार एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।


