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फ़रवरी, 14, 2026
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बिहार में अब गांवों में भी सफाई कर्मी घर-घर जाकर करेंगे कचरा संग्रह, मिलेगी सभी मुखिया को नई जवाबदेही

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बिहार में अब स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य को साकार करने के लिए अब शहर ही नहीं, गांव में भी सफाई कर्मी घर-घर जाकर कचरा संग्रह (Door to door garbage collection) करेंगे।

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सबसे बड़ी बात है कि संग्रह किया गया कचरा बेकार नहीं जाएगा, बल्कि इससे वर्मी कंपोस्ट बनाए जाएंगे और पंचायत के मुखिया के माध्यम से यह जैविक खाद किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस अभियान से एक ओर स्वच्छता के पैमाने पर गांव अग्रणी होगा तो दूसरी ओर किसानों को सस्ते दाम पर जब जैविक खाद मिलेंगे तो किसानों की आय में वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद होगा।

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कार्य योजना के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन की राशि से प्रत्येक घरों में दो कूड़ा दान, बाजार एवं हाट इत्यादि परिसर में दो-दो कूड़ेदान, प्रत्येक वार्ड में एक स्वच्छता कर्मी तथा सभी ग्राम पंचायतों में एक स्वच्छता पर्यवेक्षक साथ-साथ सफाई कर्मी एवं स्वच्छता कर्मी के सुरक्षा से संबंधित सामग्री ग्लब्स, एप्रन, कैप, मास्क, सिटी, बूट आदि उपलब्ध कराए जाएंगे।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत क्रियान्वित की जाने वाली ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) की सफलता के लिए जन-भागीदारी अहम है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन अभियान ने अवसर दिया है कि वेस्ट से एसेट निर्माण की दिशा में कार्य किए जाएं।

इसके लिए आवश्यक है कि अवशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरा संग्रहण के साथ-साथ कंपोस्टिंग के लिए कार्य किए जाएं तथा इसका कृषि एवं संबद्ध कार्यों में उपयोग हो। वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट निर्माण की दिशा में भी काम तेजी से चल रहा है। सोकपीट, वर्मी कंपोस्ट पीट, कंपोस्ट पीट तथा वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट के लिए चिन्हित स्थल पर प्राक्कलन तैयार कर मनरेगा के तहत योजना क्रियान्वित करने का निर्देश दिया गया है। नली-गली योजना से बने नाला के निकास स्थल पर मनरेगा के माध्यम से सोकपीट बनाया जाएगा।

अभियान के मॉडल के तौर पर

बेगूसराय जिला के चार ग्राम पंचायत मोहनपुर, ऐजनी, एकंबा एवं नारायणपीपर में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) का कार्य काफी तेजी से चल रहा है। इसके लिए लोगों के बीच जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर अभियान को सफल तरीके से क्रियान्वित करने का प्रयास चल रहा है। 2024-25 तक चरणबद्ध तरीके सभी पंचायतों को इस अभियान में शामिल कर लिया जाएगा।

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डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने बताया
कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के द्वितीय चरण के तहत 2020-21 में जिला में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 60 ग्राम पंचायतों का लक्ष्य मिला, जिसमें से 50 ग्राम पंचायतों के ठोस एवं तरल कचरा प्रंबधन कार्ययोजना का निर्माण किया जा चुका है।

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अभी पंचायत मोहनपुर, ऐजनी, एकंबा एवं नारायणपीपर में ठोस तरल एवं कचरा अवशिष्ट प्रबंधन के लिए मॉडल पंचायत के रूप में चिन्हित कर कार्य कराए जा रहे हैं। विभागीय प्रावधान के आलोक में जिला के 50 ग्राम पंचायतों के लिए 36 करोड़ 11 लाख रूपये की कार्ययोजना है। कार्य योजना के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन की राशि में से ग्राम पंचायतों को प्रथम किस्त के रूप में 60 प्रतिशत, 13 करोड़ 93 लाख 96 हजार दो सौ रुपया संबंधित पंचायतों के बैंक खातों में हस्तांरित किया जा चुका है।

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