

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। विधानसभा चुनाव 2020 में गौड़ाबौराम विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी प्रत्याशी रहे अफजल अली खान ने बुधवार को बिरौल व्यवहार न्यायालय में (Not Afzal, it’s a storm, it’s Gowdabouram’s Gandhi) आत्मसमर्पण किया।
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चतुर्थ सह प्रभारी न्यायाधीश बिरौल महेन्द्र प्रसाद ने अधिवक्ताओं के सुनने के बाद दस हजार के दो प्रतिभूति जमानत पर अफजल को मुक्त किया।
इस दौरान अफजल अली खान की ओर
से वरीय अधिवक्ता रामविलास यादव के अलावा अधिवक्ता कैलाश कुमार,नूर अली खान,संजय कुमार राम तथा रीना कुमारी न्यायालय मे उपस्थित रहे।वरीय अधिवक्ता रामविलास यादव ने देशज टाइम्स को बताया कि वर्ष 2020 में विधानसभा चुनाव के दौरान आरजेडी प्रत्याशी रहे अफजल अली खान ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए उनकी ओर से क्षेत्र में जारी नारा, अफजल नहीं ये आंधी है, गौड़ाबौराम का गांधी है, को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया था।
तत्कालीन एसडीओ ब्रजकिशोर लाल के निर्देश पर
किरतपुर सीओ के लिखित आवेदन पर जमालपुर थाना के तत्कालीन एसएचओ तारीक अनवर ने आरजेडी प्रत्याशी अफजल अली खान के विरुद्ध धारा 188,467, 420,468आईपीसी के तहत कांड संख्य100/2020 दर्ज किया था। वरीय अधिवक्ता श्री यादव ने बताया कि इस मामले में 18 फरवरी 2022को उच्च न्यायालय पटना से अफजल को जमानत मिल चुका है।




