

बिहार में सुपौल जिले के भारत-नेपाल सीमा के कुनौली बॉर्डर के पास जीता धार के मुहाने से लेकर लालपट्टी तक चैनल निर्माण सह तटबंध निर्माण के लिए प्रथम चरण का सर्वे का कार्य जल संसाधन विभाग के द्वारा किया जा रहा है।
प्राइमरी स्टेज का सर्वे कर रहे जल संसाधन विभाग (बीरपुर) के सहायक अभियंता नवीन कुमार रजक ने जानकारी देते हुए बताया कि सीमा से सटकर बह रही जीता व खारों नदी में चैनल सह तटबंध निर्माण के लिए विभागीय आदेश के आलोक में प्राइमरी स्टेज का सर्वे का कार्य गुरुवार से शुरू किया गया है। ताकि सर्वे का कार्य संपन्न कर उक्त रिपोर्ट विभाग को सौंपकर चैनल सह बांध निर्माण की स्वीकृति मिल सके।
स्वीकृति उपरांत सीमा के समीप बहने वाली नदी के पूर्वी मार्ग को रीवाइज किया जा रहा है।ताकि सही तरीके से नदी के पूर्व मार्ग के पॉइंट को लॉकेट करके नेपाल प्रभाग से बहकर आने वाली दोनों नदी खारों,जीता को जोड़कर एक किया जा सके और दोनों नदी को एक में जोड़ने के बाद चैनल के माध्यम से दोनों नदियों के पानी को तिलयुगा होते हुए बलुआही में गिराया जा सके।
चैनल के माध्यम से भारत-नेपाल के लोगो को कोई क्षति भी नही होगी और नदियों से उत्पन्न होने वाली परेशानियों से बच सकेंगे।कुनौली के शांति वन के समीप सर्वे स्थल पर उपस्थित कुनौली के मुखिया दिलीप रजक कमलपुर के मुखिया प्रकाश चंद्र मेहता और डगमारा के मुखिया गंगा प्रसाद साह ने बताया कि नेपाल प्रभाग से बहकर आने वाली नदियों का तांडव का हम सभी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता रहा है।इन नदियों का पूर्व में बह रही मार्ग को उड़ाही कर देने पर ही इस समस्या से निजात मिल पायेगा।
अगर इन दोनों नदियों को जोड़ कर चैनल का निर्माण किया जाता हैं तो इन नदियों के तांडव से भारत-नेपाल के लोग बच सकेंगे। कुनौली, कमलपुर और डगमारा के मुखिया और ग्रामीण ,राकेश कुमार,रमेश कुमार,रौशन कुमार, सहदेव मेहता सहित कई लोगो ने विधायक अनिरुद्द प्रसाद यादव और सांसद दिलेश्वर कामत से इस समस्या का अविलंब निदान करने की मांग की है। मौके पर जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता नीतीश चंद्र सिंह,शैलेश कुमार,रामप्रवेश रॉय मौजूद थे।



