

बेनीपुर। बहेड़ा महाविद्यालय बहेड़ा में आयोजित “महिला उत्पीड़न एवं निकट संबंधियों द्वारा महिला प्रताड़ना एवं उसके निदान” विषय पर आयोजित सेमिनार में स्थानीय विधायक डॉ.विनय कुमार चौधरी का अनुपस्थित क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वे प्रसिद्ध शिक्षाविद होने के साथ-साथ विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाने मैं सक्रिय भूमिका निभाने में अग्रणी रहा करते हैं। इतना ही नहीं वे इस महाविद्यालय के जी बी सदस्य भी वर्तमान समय में है और महाविद्यालय द्वारा बांटे गए आमंत्रण पत्र में उनका फोटो सहित मुख्य अतिथि के रूप में नाम भी अंकित है
इस संबंध में सेमिनार के दौरान लोगों में कानाफूसी निरंतर चलती रही जो गवर्निंग बाडी होने के साथ-साथ शिक्षा के लिए लंबी चौड़ी बातें करने वाले विधायक इस प्रमुख कार्यक्रम में नदारद हैं जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उन्हीं का नाम महाविद्यालय के प्राचार्य की ओर से प्रचारित प्रसारित किया गया था।
दूसरी ओर स्थानीय कुछ लोग बताते हैं कि विधायक महाविद्यालय से चंद कदमों की दूरी पर पानी टंकी के समीप एक निजी शिक्षण संस्थान का फीता काटकर शुभारंभ कर रहे थे । इस संबंध में पूछने पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. शशिकांत पाठक बताते हैं कि विधायक जी आज एक विश्वविद्यालय के बैठक में व्यस्त हैं इसलिए भाग नहीं ले सके। जब विधायक से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया।
तो उन्होंने बताया कि इस सेमिनार का कोई औचित्य नहीं है सेमिनार कम से कम दो दिवसीय होनी चाहिए प्रथम दिन तो उद्घाटन एवं सम्मान में ही व्यतीत हो जाता है जबकि दूसरे दिन विषय वस्तु पर चर्चा होती है । इस सेमिनार का तिथि पूर्व में20 फरवरी को ही निर्धारित किया गया था जिसे बढ़ाकर जानबूझकर विधानसभा सत्र के दौरान आयोजित की गई जिससे कि मैं उसमें भाग ना ले सकूं और मुझे मुख्य अतिथि बनाया गया है। इसमें कोई सहमति नहीं ली गई थी। इस सेमिनार कार्यक्रम का उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ।
ज्ञात हो कि बहेरा महाविद्यालय बहेड़ा के वर्तमान प्रभारी प्राचार्य डॉ शशिकांत पाठक अपने पदस्थापना से काल से ही विवादास्पद एवं बहुचर्चित रह चुके हैं इनके विरुद्ध पूर्व प्राचार्य के साथ-साथ अन्य महाविद्यालय कर्मी भी इन पर गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते आ रहे हैं।
साथ ही महाविद्यालय में शैक्षणिक माहौल लगभग समाप्त हो चुकी है। जिसका प्रमाण गत दिनों महाविद्यालय के शैक्षणिक दिनों में मुख्य द्वार में ही ताला लगे रहने पर कुलसचिव स्पष्टीकरण पूछ चुके हैं।


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