

दरभंगा। हमें युद्ध नहीं, शांति चाहिए! रुसी राष्ट्रपति पुतिन होश में आओ, यूक्रेन पर मिलिट्री हमला बंद करो! यूक्रेन पर रुसी सैन्य आक्रमण और US-NATO की ओर से पूर्वी यूरोप में विस्तार पर रोक लगाओ, भारत सरकार, रुस की ओर से यूक्रेन पर मिलिट्री हमला के दरम्यान यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को सकुशल नि:शुल्क भारत लाने का प्रबंध करो समेत अन्य मांगों को लेकर आज जनसंस्कृति मंच,आइसा,शिक्षक संघ गोपगुट के संयुक्त नेतृत्व में आज नागरिक शांति मार्च निकाला गया।
मार्च मिर्जापुर चौक से कॉमरेड भोगेन्द्र झा चौक और वहां से पुनः मिर्जापुर चौक पर समाप्त किया गया। मार्च का नेतृत्व जसम के जिला सचिव समीर कुमार, आइसा जिला सचिव मयंक कुमार यादव, शिक्षक संघ के नेता फतह आलम ने किया।
इस अवसर पर जसम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सुमन, जिला अध्यक्ष राम बाबू आर्य, कवि मनोज कुमार झा, जसम सह सचिव मंजू कुमार सोरेन, रूपक कुमार, आइसा राज्य सह सचिव प्रिंस राज, मिथिलेश कुमार,रौशन कुमार, शिक्षक संघ के संतोष कुमार मंडल,संजय कुमार, देवेंद्र प्रसाद, भाकपा(माले) लोकल सचिव रंजन प्रसाद सिंह,वरिष्ठ नेता भूषण मंडल सहित कई लोग शामिल थे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यूक्रेन की सीमाओं पर रूस द्वारा किया जा रहा सैन्य आक्रामकता का प्रदर्शन भारी चिन्ता का विषय है। वर्तमान संकट का हल यूक्रेनी जनता के आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से परस्पर बातचीत से किया जाना चाहिए।
इस टकराव के समाधान की दिशा में रूस को यूक्रेन की सीमाओं से अपनी सेनायें तत्काल वापस बुला लेनी चाहिए और रूस एवं अमेरिका व नाटो को यूक्रेन में कोई भी हस्तक्षेप तत्काल बंद कर तनाव को कम करने लिये मिन्स्क—2 समझौते के आधार पर कूटनीतिक समाधान निकालना चाहिए।
हम अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा यूक्रेन को लेकर फैलाये जा रहे युद्धोन्माद की कड़ी भर्त्सना करते हैं. नाटो देशों को पूर्वी यूरोप में पैर पसारने के प्रयासों पर रोक लगानी चाहिए।अमेरिका व ब्रिटेन भले ही नाटो को एक सुरक्षात्मक गठबंधन बताते रहें, सच तो यह है कि अफगानिस्तान, यूगोस्लाविया और लीबिया में पिछले वर्षों में, या उसके पहले ईराक पर युद्ध थोपने में, उनकी कारगुजारियां निस्संदेह साम्राज्यवादी हितों को साधने वाली रही हैं।
हम रूस व यूरोप में चल रहे युद्ध विरोधी आन्दोलनों के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर करते हुए वहां चल रहे नये हथियार नियंत्रण समझौतों और उस महाद्वीप में आणविक निशस्त्रीकरण की सभी कोशिशों का समर्थन करते हैं।

