

इस वक्त की सबसे बड़ी खबर बेतिया से आ रही है जहां, पंड़ित उमाशंकर तिवारी महिला महाविद्यालय बगहा (बनकटवा) पश्चिम चम्पारण में करोड़ों रुपए का गबन हुआ है। इस गबन मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बगहा, पश्चिम चंपारण, व्यवहार न्यायालय ने एफआईआर करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार,प्रोफेसर अरविंद नाथ तिवारी विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग अपने एवं अन्य शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पारिश्रमिक नहीं मिलने एवं अभियुक्तों द्वारा बंदरबांट करने, विश्वविद्यालय प्रशासन के पास न्याय के लिए गुहार लगाने और विश्वविद्यालय प्रशासन से न्याय नहीं मिलने पर उक्त न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया।
परिवाद पत्र के बिंदुओं पर न्यायालय ने 4 महीना तक समीक्षा के बाद प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश बगहा थाना अध्यक्ष को दिया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से
उक्त कॉलेज को सहायक अनुदान की राशि लगभग 20 करोड़ रुपये की राशि शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारियों को वेतन मद में वितरण करने लिए सत्र 2008 से लेकर 2013 तक और यूजीसी की ओर से कॉलेज के विकास मद में विभिन्न भवनों के निर्माण कराने के लिए लगभग पांच करोड़ की राशि मुहैया कराया।
परंतु, आरोपी उक्त राशि का बंदरबांट करते हुए शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारियों को प्रताड़ित और निष्कासन करता रहा।अंततोगत्वा विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रबंधन के विरुद्ध न्यायालय के शरण में प्रतिवादी प्रो. अरविन्द नाथ तिवारी एवं अन्य को न्यायलय के शरण में जाना पड़ा है।
प्राचार्य और प्रबन्धन के भ्रष्टाचार में लिप्त होने की जांच जब तत्कालिन बगहा एसडीएम अनिमेष पराशर, एसडीएम विशाल राज और तत्कालीन जिलाधिकारी पश्चिम चम्पारण निलेश चन्द्र देवरे ने किया, तो भ्रष्टाचार में पाये जाने पर प्राचार्य और प्रबन्धन पर कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्यपाल को पत्रक लिखा, जिस पर कार्रवाई आज तक शिथिल है।
इसको लेकर पांच अक्टूबर 21 में एक परिवाद संख्या 593/ 2021 दर्ज करते हुए आरोपी प्राचार्य डॉ.अरविंद कुमार तिवारी पिता स्वर्गीय परशुराम तिवारी एवं अन्य में राम निरंजन पांडेय,अध्यक्ष शासी निकाय प्रो. डॉ.राजीव कुमार पांडेय, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि प्रोफ़ेसर चंद्रभूषण मिश्रा, बर्सर प्रोफेसर श्यामसुंदर दुबे, शिक्षक प्रतिनिधि उमेश यादव, लेखापाल, नर्मदेश्वर उपाध्याय, प्रधान लिपिक डॉ. हनुमान प्रसाद पांडेय, कुलपति बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, डॉ.रामकृष्ण ठाकुर, कुलसचिव, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, डॉ. रामनारायण मंडल, तत्कालिन प्रभारी कुलपति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए थानाध्यक्ष बगहा को आदेश विगत 28 फरवरी को दे दिया है।

