

विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और मंत्री मुकेश सहनी (Minister Mukesh Sahani) अब बुरी तरह बीजेपी के चंगुल में फंसते जा रहे हैं। बीजेपी पर सन ऑफ हमलावर हैं। यूपी चुनाव में कोई कसर बीजेपी की नहीं छोड़ रहे।
इसका बदला बिहार विधानसभा की कार्यवाही में बीजेपी उतार, निकाल रही है। कयास यह भी हैं, यूपी चुनाव के बाद विकासशील की रफ्तार बीजेपी पंचर करने वाली है। इसका टेलर दिख रहा है। चुनावी बिसात में जदयू यूपी में स्लो हो चुकी है लेकिन सन ऑफ मल्लाह हक-हकूक की लड़ाई तेज करने से बाज नहीं आ रहे।
इसका सीधा जवाब उत्तर प्रदेश के चुनावी अखाड़े से ताजा-ताजा लौटे दरभंगा के नगर विधायक संजय सरावगी ने थाम लिया है। जवाब, विधानसभा से दिया जा रहा है। सवाल पूछे जा रहे। उनके ही विभाग की छेद में उनकी ही स्क्रू टाइट करने की कवायद तेज हो गई है।

भले,उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections) मुकेश सहनी ने कह तो दिया कि समय आ गया है, जिन्होंने हमें अपने अधिकार से वंचित रखा है, उनसे हिसाब बराबर किया जाए। भाजपा (BJP) के लोग निषाद समाज को डराते आए हैं। धमकी देते हैं। वोट नहीं दिया तो घरों पर बुलडोजर चलवा देंगे। लेकिन, इस बार भाजपा को निषाद समाज मुंह तोड़ जवाब देगा। निषाद समाज का एक भी वोट भाजपा को नहीं मिलेगा।
मगर, 24 फरवरी तक यूपी में चुनावी प्रचार कार्य की कमान संभालने और मंदिर अब बनने लगा है, भगवा रंग चढ़ने लगा है, मंदिर जब बन जाएगा, सोच नजारा क्या होगा..के साथ जनता की यह प्रचंड आवाज़ 10 मार्च को उत्तर प्रदेश में इतिहास रचने जा रही है, का शंखनाद जौनपुर विधानसभा के त्रिदेव कार्यकर्ता सम्मेलन में सहभागिता के दौरान करते हुए दरभंगा के नगर विधायक संजय सरावगी जब वहां से सीधे विधानसभा में कार्यवाही के दौरान उपस्थित होने पहुंचे तो उनका पहला टारगेट आज गुरुवार को मुकेश सहनी ही रहे।

नगर विधायक ने सवाल ऐसे दागे, सीधा कलेजे में जा चुभा। सवाल भी मुकेश सहनी के विभाग का था। सो, उनकी गैरमौजूदगी में सरकार भी बैकफुट पर ही खेलना उचित समझा। और…फिर जो नजारा विधानसभा के कार्यवाही शुरू होते ही दिखा। दरभंगा V/v दरभंगा छा (Vidhan Sabha : Darbhanga V/v Darbhanga) गया। पढ़िए पूरी खबर
बिहार विधानसभा में गुरुवार को भाजपा विधायक संजय सरावगी ने सदन में सवाल उठाया कि पशुपालन विभाग के तहत कॉम्फेड में बहाली होनी है। रिजल्ट भी जारी हुआ लेकिन पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री के पीत पत्र के बाद नियुक्ति पत्र रोक दिया गया।
पशुपालन विभाग के निदेशक के पत्र में कहा गया कि मंत्री के पीत पत्र के बाद ज्वाइनिंग लेटर पर रोक लगी है । कहा गया कि गड़बड़ी की सूचना के बाद रोक लगी। जांच के बाद अभ्यर्थियों की बहाली की बात कही गई है। भाजपा विधायक ने सदन में कहा कि सात महीने हो गए जांच में क्या हुआ? मंत्री इस संबंध में बतायें।
पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मुकेश सहनी सदन में नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में प्रभारी मंत्री संतोष सुमन ने जवाब दिया। उन्होंने सदन में बताया कि जल्द ही सभी की नियुक्ति की जायेगी। भाजपा विधायक के सवालों का सामना प्रभारी मंत्री नहीं कर सके। विस अध्यक्ष ने मामले पर संज्ञान लिया। प्रभारी मंत्री ने सदन में बताया कि बहुत जल्द समीक्षा कर बहाली की जायेगी।
स्पीकर ने मंत्री से कहा कि आप जानकारी लेकर सदन को सूचित करें। संजय सरावगी ने दरभंगा के जीएम रोड हत्याकांड में सरकार से पदाधिकारियों एवं दोषियों के विरुद्ध शीघ्र गंभीर कार्रवाई एवं परिजनों को मुआवजा देने मांग की। संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि जब सदन से आदेश मिल गया है तो इसका संज्ञान लिया जायेगा।
नगर विधायक संजय सरावगी ने सीधा सवाल करते हुए अपने ही सरकार को मुकेश सहनी के बहाने घेरते नजर आए। विधायक श्री सरावगी ने पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग से जुड़े कॉम्फेड में बहाली को लेकर तीखा बाउंसर फेंका। कॉम्फेड में बहाली को लेकर हो रही देरी और मंत्री की तरफ से गड़बड़ी की बात जब विधायक श्री सरावगी ने विधानसभा के प्रश्नोत्तर काल में उठाया।
तो सरकार का भी चेहरा लटक गया। जवाब देने के लिए मंत्री मुकेश सहनी की जगह प्रभारी मंत्री संतोष सुमन खड़े हुए। विधायक श्री सरावगी ने सवाल दागा। पूछा, कॉम्फेड में बहाली प्रक्रिया को क्यों रूका, किसने रोका, क्यों रोक दिया गया। मंत्री ने इसमें गड़बड़ी की आशंका जताते पित पत्र जारी किया और सात महीनें से पहले बहाली प्रक्रिया पर रोक लगा दी तो जरा बताए कि आखिर बहाली प्रक्रिया में किस तरह की गड़बड़ी पाई गई?
फिर क्या था, मंत्री मुकेश सहनी तो चुनाव में यूपी में व्यस्त थे। यहां विधानसभा में मौजूद थे नहीं, सो, सरकार पीछे हट गई। इसको लेकर सत्तापक्ष के ही विधायकों ने मंत्री को घेर लिया। फिर क्या था,प्रभारी मंत्री ने सदन में ऐलान कर दिया कि बहाली प्रक्रिया बिल्कुल पारदर्शी है। इस मामले में जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
लिहाजा, भाजपा विधायक के सवालों का सामना प्रभारी मंत्री नहीं कर सके। विस अध्यक्ष ने मामले पर संज्ञान लिया। प्रभारी मंत्री ने सदन में बताया कि बहुत जल्द समीक्षा कर बहाली की जाएगी। स्पीकर ने मंत्री से कहा कि आप जानकारी लेकर सदन को सूचित करें।
इससे पहले, राजद विधायक आलोक मेहता ने भी कॉम्फेड में बहाली के अंदर गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह की गड़बड़ियां कॉम्फेड में होती रही हैं। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।




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