



मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानमंडल के नवनिर्मित स्वागत कक्ष का सोमवार को उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वागत कक्ष बनकर अच्छा काम हुआ है। यहां सभी लोग आकर बैठेंगे और यहां की सुविधा का लाभ उठाएंगे।
बजट सत्र के छठे दिन सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले इस स्वागत कक्ष का मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे स्वागत कक्ष का जायजा लिया।
मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, अवधेश नारायण सिंह, शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे।
इधर, बिहार विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन सोमवार को सोमवार को मंदिर, कब्रिस्तान और श्मशान की घेराबंदी पर खूब हंगामा हुआ। विपक्ष ने जहां कब्रिस्तान की घेराबंदी का मामला उठाया तो भाजपा विधायकों ने श्मशान की घेराबंदी का। सरकार इस मामले पर कन्नी काटती दिखी। सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। हालांकि, हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार को चलते सत्र में विचार कर जवाब देने को कहा।
राजद विधायक शमीम अहमद ने सदन में सवाल उठाते हुए गृह विभाग से पूछा था कि नरकटियागंज में कब्रिस्तान की घेराबंदी नहीं होने से असामाजिक तत्व गड़बड़ी कर रहे हैं, इसलिए कब्रिस्तान की घेराबंदी जल्द से जल्द की जाए।
जवाब में गृह विभाग के प्रभारी मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार उन स्थानों पर तुरंत घेराबंदी का निर्देश देती है, जहां पर विवाद या किसी प्रकार के दंगा जैसे मुद्दे भड़कने की आशंका ज्यादा है। सरकार के जवाब पर विपक्ष के विधायक सहमत नहीं थे और जल्द से जल्द सरकार से प्राथमिकता के आधार पर कब्रिस्तान की घेराबंदी की मांग कर रहे थे।
सरकार के जवाब के बाद भाजपा के विधायक हरी भूषण ठाकुर ने कब्रिस्तान के साथ श्मशान और मंदिर की घेराबंदी का मुद्दा भी सदन में उठाया। इसके बाद सदन में भाजपा के कई विधायक विपक्ष के सुर में सुर मिलाते एक साथ खड़े हो गए और श्मशान के साथ मंदिर और कब्रिस्तान की घेराबंदी का मामला उठाने लगे। सरकार की तरफ से मंत्री विजेंद्र यादव ने साफ कर दिया कि सरकार के पास अभी ऐसा कोई विचार नहीं है, जिसमें मंदिर और श्मशान की घेराबंदी कराई जाए।




